चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश में पेशा एक्ट लागू करने की घोषणा की गई है। जिसके लागू होने से जल जंगल जमीन पर संपूर्ण अधिकार आदिवासियों को समुदाय का हो जाएगा। इस एक्ट की घोषणा के बाद से ही मछुवारा समाज ,प्रदेश सरकार से खासा नाराज हैं। क्योंकि एक्ट के लागू होने से वर्षों से मछली मारने का व्यवसाय कर रहे मछुवारों का जल से अधिकार छिन जाएगा और वे बेरोजगार हो जाएंगे। जिसपर आपत्ति जताते हुए पिछले दिनों 5 दिसंबर को माझी मछुआ समाज द्वारा नगर में एक आक्रोश रैली निकाली गई थी। जहां नगर में निकाली गई इस आक्रोश रैली की समीक्षा करने और अपनी इन मांगों को लेकर आगे की रणनीति बनाए जाने के लिए गुरुवार को माझी मछुआ समाज द्वारा नगर के वार्ड न एक बुढी ढिमर टोला स्थित दुर्गा मंदिर में समाज की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। आयोजित इस बैठक में सामाजिक बंधुओं ने बालाघाट की तर्ज पर वारासिवनी में भी आक्रोश रैली निकालने का निर्णय लिया, तो वहीं उन्होंने मछुआ समाज को आदिवासी समाज में अब तक सम्मिलित ना किए जाने पर अपनी नाराजगी जताई । जिन्होंने जिले के सभी मछुआ सहकारी समितियों को एककर मछुआ समाज संगठन के नाम से एक संगठन का गठन करने और उस संगठन के माध्यम से अपनी मांगे सरकार के समक्ष रखने का निर्णय लिया। तो वहीं उन्होंने इन दोनों ही मांगों पर जल्द से जल्द कोई निर्णय न आने पर आगामी समय में होने वाले विधानसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र से अपने समाज के उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारकर सरकार को आईना दिखाए जाने की चेतावनी दी है










































