जबलपुर से पहुंची टीम को रात के अंधेरे में दिखाई जा रहा है शहर

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स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची में नगर पालिका बालाघाट अपना नाम लाने के लिए बाहर से आने वाली सर्वेक्षण की टीमों से पहले ही संपर्क करके ,उन्हें अपने हिसाब से शहर रात्रि में चुपके से दिखाया जा रहा है 29 मार्च को जबलपुर से आई इंजीनियर की टीम को नगर पालिका के संबंधित विभाग द्वारा पहले से ही संपर्क कर अपने हिसाब से रातों में शहर की सफाई व्यवस्था दिखाई जा रही है

आपको बता दें कि हमारे द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम को आने को लेकर 21 मार्च को एक खबर प्राथमिकता से दिखाई गई थी जिसमें हमारे द्वारा बताया गया था कि स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम बालाघाट आने वाली है एवं उसको लेकर के नगर पालिका के द्वारा पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थी पर आपको बता दें कि अभी स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम तो बालाघाट नहीं पहुंची पर कितनी स्वच्छता हुई उसे लेकर काम कितना हुआ है उसकी जानकारी लेने जबलपुर से इंजीनियरों की टीम बालाघाट आई हुई है जिसे संबंधित विभाग द्वारा निजी होटल में रुकवाया भी गया है जो पूरे शहर में स्वच्छता को लेकर कितना काम हुआ है यह देखेंगे और इसकी जानकारी स्वच्छता सर्वेक्षण टीम को देंगे उसके बाद स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम बालाघाट पहुंचेगी और स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर काम किया जाएगा

रात के अंधेरे में दिखाया गया शहर-
जो इंजीनियरों की टीम जबलपुर से बालाघाट पहुंची है उन्हें संबंधित विभाग के प्रभारी द्वारा अपने सफाई व्यवस्था अच्छी दिखाने एवं झूठा श्रेय लेने के लिए दिनभर रेंगाटोला स्थित कचरा घर दिखाया गया एवं रात के अंधेरे में उन्हें शहर में उन स्थानों पर ले जाया गया है जहां पर पहले से ही नगर पालिका के द्वारा साफ सफाई कर दी गई है जानकारी तो यह भी लगी है कि जानबूझकर इस टीम को दिन भर रेंगाटोला में ही ठहराया गया था एवं बाद में कुछ नगरपालिका के कर्मचारियों को नगरपालिका की ड्रेस पहना कर उन्हें नगरपालिका के सामने एवं काली पुतली चौक में झाड़ू लगाने के लिए कहां गया था जबकि यहा से पहले ही साफ सफाई कर ली गई थी यह तो सिर्फ दिखावे या फोटो खिंचवाने के लिए उन्हें देर रात तक रोककर यह सब करवाया जा रहा था

इस बार 1 महीने लेट आएगी स्वछता टीम-
आपको बता दें कि हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम अपने समय पर पहुंच जाती थी किंतु इस बार बताया यह जा रहा है कि नगरी प्रशासन के द्वारा सभी नगर पालिकाओं को एक 1 महीने का समय अतिरिक्त दे दिया गया है ताकि वह अपने शहरों में पूर्ण रुप से स्वच्छता को लेकर काम कर सके इसी को लेकर अभी तक बालाघाट में स्वछता टीम नहीं आई है किंतु नगर पालिका में स्वच्छता को लेकर कितना काम हुआ है या क्या स्थिति है इसका जायजा लेने के लिए पहले ही एक टीम भेज दी गई है जो यहां से मॉनिटरिंग कर जबलपुर में इसकी जानकारी देगी

पहले ही टीम से कर लिया जाता है संपर्क-
नगर पालिका के द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण में अपना नंबर लगवाने के लिए पहले ही बहार से आने वाली टीम से संपर्क कर लिया जाता है इसको लेकर के हमारे द्वारा पूर्व में भी खबर प्राथमिकता से दिखाई गई थी अब हम यह नहीं बता पाएंगे कि यह कैसे और कब टीम से संपर्क कर लेते हैं
किंतु सूत्रों की मानें तो जैसे ही स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम का जांच में आने की जानकरी नगर पालिका को लगती है वह उन से संपर्क कर लेते है और इनके रहने खाने का पूरा खर्चा नगरपालिका की संबंधित शाखा के द्वारा उठाया जाता है जबकि इस टीम को बिना नगर पालिका को जानकारी देये बिना जांच करना है एवं शहर की स्थिति देखने के लिये आती है
किंतु जिस विभाग का काम देखने वह आती है वही विभाग के द्वारा इनका पूरा खर्चा उठा लिया जाता है तो यह कैसे सही स्वच्छता की जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को देंगी और इन्हे उन्ही स्थानों पर ले के जाया जाता है जहां पर स्वच्छता को लेकर कुछ काम हुआ है और यह टीम भी उन्हें के बताए हुए स्थानों पर अपनी रिपोर्ट यहां से लेकर जाती है अब आप स्वयं यह अंदाजा लगा सकते हैं कि बालाघाट नगर पालिका को कैसे स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर मिलता है

इन स्थानों को कर दिया गया है पहले से ही साफ –
जबलपुर की टीम बालाघाट पहुंची वैसे ही नगर पालिका के द्वारा कुछ स्थानों को चिन्हित कर उनकी साफ-सफाई एवं वहां लाइट व्यवस्था पहले से ही कर ली गई थी जैसे काली पुतली स्थित चौपाटी में महीनों बाद आज यहां का फव्वारा चालू दिखाई दिया एवं यहां की लाइटें जगमगाती नजर आई वही बात करें नगरपालिका के सामने की तो वहां से भी आज साफ सफाई कर नगरपालिका के कर्मचारियों को हाथ में झाड़ू लगाते हुए देखा गया आपको बता दें कि ऐसे तो नगर पालिका के कर्मचारी बहुत कम ही रात में सफाई करते नजर आते हैं किंतु आज नगर पालिका के गेट के सामने से ही तीन-चार कर्मचारियों को झाड़ू पकड़ के साफ सफाई करते हुए देखा गय यह महज एक दिखावा या फोटो खिचवाना था यह तो वही बता सकते है जबकि शहर के बहुत से ऐसे चौक चौराहे हैं जहां पर रात्रि में तो छोड़ो दिन में भी कभी साफ सफाई नहीं होती बात करें नगर पालिका से लगे अवंती बाई चौक की तो वहां अभी भी गंदगी बज बजा रही है

नहीं चलाई गई अभी तक फागिंग मशीन-

आपको बता दें कि वार्ड वासियों की शिकायत पर पद्मेश न्यूज़ द्वारा प्राथमिकता से कुछ दिन पहले शहर में मच्छरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए फागिंग मशीन को लेकर एक खबर छापी गई थी किंतु आज दिनांक तक नगर पालिका के द्वारा फागिंग मशीन वार्डो में नहीं घुमाई गई जबकि इन दिनों यदि सबसे ज्यादा वार्ड में कोई समस्या है तो वह गंदगी और नालियों में पनपने वाले मच्छरों की है पर नगर पालिका द्वारा इस ओर ना ही ध्यान दिया गया और ना ही फागिंग मशीन या केमिकल युक्त पाउडर का छिड़काव किया गया फिर भी पता नहीं क्यों नगर पालिका स्वच्छता सर्वे में अपनी रैंक हासिल करना चाहती है

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