सऊदी अरब के साथ अन्य पेट्रोलियम निर्यातक देशों ने एक बार फिर तेल उत्पादन में कटौती करने का ऐलान किया है। ओपेक प्लस देशों ने ऐलान किया है कि प्रतिदिन करीब 1.16 मिलियन बैरल के तेल उत्पादन में कटौती की जाएगी। ऐसे में दुनियाभर में तेल की कीमतों में एक बार फिर उछाल आने की आशंका है। साथ ही ओपेक प्लस देशों के इस फैसले को अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जाता रहा है।
जानें क्या है OPEC Plus
OPEC दुनियाभर के पेट्रोलियम उत्पादक 13 देशों का संगठन है। इसमें सऊदी अरब, अल्जीरिया, ईरान, इराक, कुवैत, अंगोला, संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया, लीबिया तथा वेनेजुएला, गबोन, गिनी, कांगो शामिल हैं। ओपेक देशों में सऊदी अरब का दबदबा है। इसके अलावा एक अन्य ‘Plus Group’ भी है, जिसमें 10 तेल उत्पादक देश हैं और ‘Plus Group‘ पर रूस का दबदबा है। ओपेक और प्लस ग्रुप मिलकर ही ‘OPEC Plus’ बनाते हैं।
अमेरिका के लिए इसलिए झटका
‘OPEC Plus’ संगठन ने अब प्रतिदिन करीब 1.16 मिलियन बैरल के तेल उत्पादन में कटौती का फैसला किया है। ओपेक देशों में सऊदी अरब का दबदबा है और कहा जा रहा है कि इस फैसले से सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान और रूसी राष्ट्रपति पुतिन इस मामले में एक लाइन पर आ गए हैं, जो अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिका लगातार सऊदी अरब पर तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए दबाव बना रहा था।










































