कृषि उपज मंडी में बेमौसम बरसात से हजारों बोरी सोयाबीन व गेहूं के बोरे तरबतर हो गए। सोयाबीन के ढेर को पानी से बचाने के लिए व्यापारी जतन करते रहे। डोम में रखे गेहूं के ठप्पे भी गीले हो गए। किसानों को भी नीलामी के बाद ट्राली में भरे गेहूं को पानी से सुरक्षित करने के लिए इधर उधर भटकना पड़ा।
नालियां जाम होने के चलते थोड़ी देर की बरसात से नालों का पानी सड़क पर आ गया। गुरुवार की बीती रात व शुक्रवार को दिनभर रुक रुककर हुई जोरदार बरसात ने कृषि उपज मंडी में खुले में रखे हजारों क्विंटल गेहूं को तरबतर कर दिया। सोया प्लांटों को भेजे जाने के लिए रखे सोयाबीन के ढेर को भी गीला कर दिया। जिससे व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है।
20 हजार बोरी गेहूं भीगा
कारोबारी निमेष अग्रवाल ने बताया कि देशावर में भेजने के लिए करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं का स्टेक लगा हुआ था। जो परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होने से रह गया। इस दौरान वर्षा होने से गीला हो गया। कलर डेमेज होने से काफी नुकसान हुआ है। बारिश तेज होने से व्यापारियों को अपनी उपज को संभालने का मौका न मिल पाने से करीब 20 हजार बोरी गेहूं भीग गया।










































