नगर मुख्यालय से होकर गुजरे बालाघाट-सिवनी हाईवे मार्ग सहित नगर के सबसे व्यस्ततम हाईस्कूल मार्ग, गुजरी पहुंच मार्ग व अमोली-समनापुर रा’य मार्ग क्रमांक ४८ सहित अन्य मार्गोंमें विगत कुछ दिनोंं से आवारा मवेशियों के द्वारा धमाचौकड़ी मचाई जा रही है जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटनाओं का अंदेशा लगातार बना हुआ है। विदित हो कि इन दिनों नगर मुख्यालय में आवारा मवेशियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है जिनके द्वारा हाईवे मार्ग में शांति नगर स्थित मजार के पास, हाईस्कूल रोड सहित अन्य स्थानों में धमा चौकड़ी करने के साथ ही सडक़ के बीचों-बीच बैठकर आराम किया जाता है जिसके कारण मार्ग से गुजरने वाले चौपहिया-दुपहिया वाहनों, साइकिल चालकों व पैदल आवागमन करने वाले लोगों को बेहद परेशानी होती है साथ ही ये आवारा मवेशी रास्ते के बीचों-बीच झुंड बनाकर खड़े हो जाते है जिससे परेशान वाहन मालिकों को गुजरते समय इन आवारा पशुओं को हटाने हेतु अपने वाहन का हार्न बजाना पड़ता है एवं कई बार तो ऐसी स्थिति बन जाती है कि ये मवेशी रास्ते से हटने को तैयार नही होते जिसके कारण रास्ता जाम होने की स्थिति बन जाती है और ऐसी स्थिति कई बार दुर्घटनाएं भी घटित हो जाती है। चर्चा में जागरूक नागरिकों ने बताया कि नगर मुख्यालय के बालाघाट-सिवनी मार्ग, हाई स्कूल रोड़ व अन्य मार्गों में आवारा मवेशी धमाचौकड़ी मचा रहे है साथ ही झुंड बनाकर सडक़ों में बैठ जाते है जिसके कारण दुपहिया, चौपहिया वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी होती है एवं उनके अनियंत्रित रूप से चलने के कारण दुर्घटनाएं भी घटित हो रही है साथ ही यह भी बताया कि आवारा मवेशी सिवनी, बालाघाट मार्ग स्थित निवासरत लोगों व दुकानों के सामने रात्रि के समय बैठकर गंदगी कर रहे है जिसे सभी परेशान है। आगे बताया कि पशु मालिक अपने मवेशियों को दुध निकालते तक सुरक्षित रखते है उसके बाद खुला छोड़ देते है जो रात-भर किसानों की फसलों को भी चौपट कर सडक़ों पर घुमते रहते है इसलिए शासन-प्रशासन से मांग है कि आवारा मवेशियों को पकडक़र गौशाला वारासिवनी भेजने के साथ ही पशु मालिकों पर भी कार्यवाही करें।
कलेक्टर के आदेश का पशु पालकों पर नहीं पड़ रहा कोई असर
जिला कलेक्टर बालाघाट के द्वारा जहां एक ओर पशुओं में बढ़ते लंपी स्कीन वायरस के प्रकोप को देखते हुये सभी जगहों के पशु हाट बाजारों पर प्रतिबंध लगाने के साथ पशुओं के आयात निर्यात पर पुर्णत: रोक लगा दी गई है तो वहीं पशुमालिकों पर कलेक्टर के इस आदेश कोई भी असर दिखाई नहीं दे रहा है और वे बेखौफ होकर अपने मवेशियों को आवारा सडक़ों पर छोड़ रहे है ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन के द्वारा पशुओं में फैल रही जानलेवा बीमारी लंपी वायरस को रोकने का प्रयास पूरी तरह से विफल होता दिखाई दे रहा है क्योंकि उनके द्वारा लंपी वायरस को लेकर जो गाइड लाइन जारी की गई उसका पशुमालिकों के द्वारा किसी भी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है जिससे उनके द्वारा छोड़े गये आवारा मवेशी जहां एक ओर यातायात व्यवस्था को बुरी से प्रभावित कर रहे है तो वहीं दूसरी ओर पशुओं के लिए घातक लंपी वायरस बीमारी के संक्रमण को भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है जिस पर मवेशियों को आवारा घुमता देख जागरूक नागरिकों ने शासन प्रशासन से लापरवाह पशु मालिकों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर इस मवेशियों को गौशाला लेकर जाने की मांग की है।










































