सनातन धर्म पर एमके स्टालिन के बेटे का विवादित बयान, भड़की भाजपा, जानिए कांग्रेस की प्रतिक्रिया

0

सनातन धर्म (Sanatana dharma) पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे की टिप्पणी पर बवाल मच गया है। स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु की डीएमके सरकार में युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री हैं। एक कार्यक्रम में उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से कर दी।

मुझे विशेष संबोधन का मौका देने के लिए मैं सम्मेलन के आयोजकों को धन्यवाद देता हूं। आपने सम्मेलन का नाम ‘सनातन विरोधी सम्मेलन’ के बजाय ‘सनातन उन्मूलन सम्मेलन’ रखा है, मैं इसकी सराहना करता हूं। कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म ही कर देना चाहिए। हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते, इन्हें जड़ से मिटा देते हैं। ऐसे ही हमें सनातन को मिटाना है। सनातन का विरोध कर उसे ख़त्म करना चाहिए। सनातन नाम संस्कृत से है। यह सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है।

उदयनिधि स्टालिन के बयान पर DMK की सफाई

उदयनिधि स्टालिन के बयान पर डीएमके के संयुक्त सचिव और प्रवक्ता सरवनन अन्नादुराई ने कहा, “हमारे नेता उदयनिधि के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। संदर्भ से बाहर की बात प्रसारित की गई है। फेक न्यूज फैलाते हुए ट्वीट किया गयाा कि उदयनिधि स्टालिन ने नरसंहार के लिए कहा। यदि प्रधानमंत्री कहते हैं ‘कांग्रेस मुक्त भारत’, तो क्या वह नरसंहार का आह्वान करते हैं? कोई कैसे कह सकता है कि उदयनिधि स्टालिन ने नरसंहार का आह्वान किया है? यह एक फेक न्यूज है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई होना चाहिए। जब हम कहते हैं कि हम ‘सनातन धर्म’ को खत्म करना चाहते हैं तो इसका मतलब है कि हम जाति व्यवस्था को खत्म करना चाहते हैं।”

कांग्रेस का रुख

वहीं, नागपुर में महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा, “कांग्रेस का रुख स्पष्ट है। हम किसी भी धर्म पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं चाहते हैं।”

सनातन पर बयान, भाजपा ने जताया विरोध

उदयनिधि स्टालिन के बयान पर भाजपा भड़क गई है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सनातन धर्म पर टिप्पणी के लिए उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधा और कहा कि वह 80 प्रतिशत आबादी के नरसंहार का आह्वान कर रहे हैं।उदयनिधि स्टालिन के बयान पर तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख के अन्नामलाई ने एक्स हैंडल पर लिखा, “आप, आपके पिता या उनके सहालकारों के पास ईसाई मिशनरियों से खरीदा हुआ यह विचार है। उन मिशनरियों का मकसद भी आप जैसे मूर्खों को अपनी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए तैयार करना था। तमिलनाडु अध्यात्म की भूमि है। सबसे अच्छा काम जो आप कर सकते हैं, वह है इस तरह के कार्यक्रम में माइक पकड़ना और अपनी हताशा को उजागर करना।”

उदयनिधि स्टालिन के बयान पर विहिप की प्रतिक्रिया

हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा, “सनातन धर्म सदियों से अस्तित्व में है और रहेगा। I.N.D.I.A. गठबंधन से जुड़े जो लोग पीएम मोदी से लड़ाई नहीं लड़ पा रहे हैं, वो ‘सनातन धर्म’ से लड़ रहे हैं। उनका उद्देश्य ‘सनातन धर्म’ को खत्म करना है। हम कभी भी स्टालिन की विचारधारा को निशाना नहीं बनाते हैं या ईसाई धर्म या इस्लाम पर टिप्पणी नहीं करते हैं। फिर वे ‘हिंदू सनातन’ को क्यों निशाना बना रहे हैं?“

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here