नगर मुख्यालय के हदय स्थल बस स्टैण्ड के गांधी मंच में २६ जनवरी को प्रात: ८.४५ बजे प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे, जिला पंचायत सदस्य डुलेन्द्र ठाकरे, झामसिंह नागेश्वर, जनपद अध्यक्ष श्रीमती देवीलता ग्वालवंशी, उपाध्यक्ष किशोर पालीवाल, पांढरवानी सरपंच अनीस खान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित की गई विधायक की उपस्थिति में जनपद पंचायत लालबर्रा के उपाध्यक्ष किशोर पालीवाल के द्वारा ध्वजारोहण किया गया। जिस पर बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को फटकार लगाई और कहा कि जनपद पंचायत लालबर्रा में भाजपा का कब्जा है जिनके द्वारा अपनी मनमानी करते हुए प्रोटोकॉल का उल्लघन किया गया है क्योंकि प्रतिवर्ष स्वतंत्रता एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर बस स्टैण्ड के गांधी मंच में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. रामप्रसाद पाठक के द्वारा ध्वजारोहण किया जाता है। जिनके निधन के बाद बालाघाट विधायक के द्वारा ध्वजारोहण करने का नियम बनाया गया और विधायक की अनुपस्थिति में जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष के द्वारा ध्वजारोहण किया जाता है। लेकिन इस वर्ष विधायक को ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित करने के बावजूद भी जनपद उपाध्यक्ष किशोर पालीवाल से ध्वजारोहण करवाया गया है और मंच से विधायक का नाम भी नही लिया गया है। इस तरह एक जनप्रतिनिधि का अपमान किया गया है जिसका जिम्मेदार सीईओं है जिनके द्वारा भाजपा के लोगों के इंशारों पर काम कर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया जा रहा है ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारी पर कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। साथ ही इस बात को लेकर विधायक, उनके समर्थक एवं भाजपा के जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी वाद-विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई जो समझाईश के बाद शांत हुई।
चर्चा में बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने बताया कि जनपद पंचायत लालबर्रा में राजनीतिक दुर्भावना के तहत काम किया जा रहा है और विधानसभा चुनाव में जनता के आशीर्वाद से विधायक बनी हुं, लालबर्रा जनपद पंचायत से शुरू से यह नियम रहा है कि बस स्टैण्ड गांधी मंच में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ध्वजारोहण करेगें जब तक वे जीवित थे तब तक उन्होने ध्वजारोहण किया उनके निधन के बाद निर्धारित हुआ था कि क्षेत्रीय विधायक के द्वारा ध्वजारोहण किया जायेगा। उनके अनुपस्थिति में जनपद उपाध्यक्ष ध्वजारोहण कर सकता है। लेकिन जनपद पंचायत में बैठी भाजपा की टीम ने बैठक में बिना बुलाये यह निर्णय ले लिया कि जनपद उपाध्यक्ष ध्वजारोहण करेगें जबकि मैं जनपद पंचायत लालबर्रा की पदेन सदस्य हूं, इन्होने अपनी मनमानी करते हुए अनाधिकृत रूप से यह निर्णय ले लिया कि बस स्टैण्ड गांधी मंच में जनपद उपाध्यक्ष ध्वजारोहण करेगें। जब मुझे इस बात की जानकारी लगी तो मैंने आपत्ति दर्ज कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं मुख्य लेखाधिकारी से बात कर उनसे कहा कि नियमों का पालन कर नियमानुसार काम करें। श्रीमती मुंंजारे ने बताया कि राष्ट्रीय पर्व में हम सभी का सम्मान करते है लेकिन ध्वजारोहण का अधिकार नियमानुसार क्षेत्रीय विधायक को है परन्तु इन्होने मुझे बिना सूचना दिये गांधी मंच में जनपद उपाध्यक्ष के द्वारा ध्वजारोहण करने का कार्ड छपवाकर वितरण करवा दिया। जब मैं ध्वजारोहण करने बस स्टैण्ड पहुंची तो जनपद उपाध्यक्ष का नाम लेकर उन्हे ध्वजारोहण के लिए बुलाकर ध्वजारोहण करवाया गया जिसमें शामिल हुई क्योंकि मैं इस राष्ट्रीय पर्व पर किसी तरह का कोई विवाद नही चाहती थी। भाजपा की मनमानी, तानाशाही इस राष्ट्रीय पर्व पर भी राष्ट्रीय पर्व का सम्मान न करके बल्कि बाधा पहुंचाने का कार्य कर रहे है। यह एक तरह से निन्दनीयकृत्य है जिसकी मैं निंदा करती हूं। इसके लिए मैं जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भाजपा के जनपद सदस्य को जिम्मेदार मानती हूं जिनके द्वारा गुपचुप तरीक से बैठक बुलाकर अधिकारी-कर्मचारियों पर दबाव बनाकर कार्ड छपवाकर वितरित करवाये गये। साथ ही यह भी बताया कि सीईओं से दो बार चर्चा हुई जिन्होने मुझ से कहा कि गलती हो गई है, आप आईयें, ध्वजारोहण करने के लिए इसलिए मैं बालाघाट का कार्यक्रम छोडक़र लालबर्रा आई थी।
विधायक किसी अन्य क्षेत्र में दखल-अंदाजी न करेें – किशोर
जनपद उपाध्यक्ष किशोर पालीवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, जनपद पंचायत में अपनी स्वतंत्रता है वह प्रस्ताव लेने के लिए भी स्वतंत्र है, २३ जनवरी को सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जनपद पंचायत में जनपद अध्यक्ष, बस स्टैण गांधी मंच में जनपद उपाध्यक्ष ध्वजारोहण करेगेें। साथ ही यह भी बताया कि रही व्यवस्था की बात तो पूर्व में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. रामप्रसाद पाठक के द्वारा ध्वजारोहण किया जाता था उनके निधन के बाद बोर्ड ने सामान्य प्रशासन की बैठक में यह निर्णय लिया कि विधायक के द्वारा ध्वजारोहण किया जायेगा। उनकी अनुपस्थिति में जनपद उपाध्यक्ष ध्वजारोहण करेगें, वर्तमान में जो बोर्ड बैठा हुआ है जनपद में उन्होने सामान्य प्रशासन की बैठक में यह प्रस्ताव लिया है कि बस स्टैण्ड का ध्वजारोहण जनपद उपाध्यक्ष करेगें। श्रीमती पालीवाल ने बताया कि मेरा विधायक जी से कहना है कि आप भी जनप्रतिनिधि है, किसी अन्य क्षेत्र में दखल न दे, जो प्रस्ताव होता है वह स्वत्रंत ईकाई का स्वतंत्र प्रस्ताव होता है। उसे कोई चैलेज भी नही कर सकता इसलिए आने वाले समय में संज्ञान ले, नीति और नियमों का मार्गदर्शन ले, मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा मौखिक रूप से ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित करना मान्य नही होता है बल्कि सामान्य प्रशासन की बैठक में सभी की सहमति से जो नाम प्रस्ताव में पारित होता है उसे ही माना जाता है। श्री पालीवाल ने बताया कि ध्वजारोहण के लिए विधायक महोदया को सीईओं के मौखिक आमंत्रण को हम स्वीकार नही करते है, मैने जनपद के प्रस्ताव के आधार पर ध्वजारोहण किया है। साथ ही यह भी बताया कि विधायक महोदया को विधायक बनने को दो माह हुए है तो उन्हे दो माह में कैसे पता चल गया कि जनपद में तानाशाही हो रही है। जनपद पंचायत केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन करने वाली संस्था है। श्री पालीवाल ने बताया कि जो आरोप लगाये है सभी आरोप निराधार है, जबकि विधायक महोदया को कांग्रेस की गरिमा बनाये रखना चाहिए उन्हे उनके साथ में घुम रहे दो-चार लोग के अलावा भी हमारे बीच में अच्छे कांग्रेसी कार्यकर्ता है जिनसे उन्हे समय-समय पर मार्गदर्शन लेना चाहिए।
जिला पंचायत सदस्य डुलेन्द्र ठाकरे ने बताया कि ध्वजारोहण को लेकर जो आरोप लगाये जा रहे है वह न्याय संगत नही है और ३० वर्षोंे से हम देख रहे है कि जो लालबर्रा का राजनीति परिवेश है वह पूर्व गृहमंत्री श्रध्देय स्व. पं. नंदकिशोर शर्मा जी के समय से है उसके बाद गौरीशंकर बिसेन विधायक, केबिनेट मंत्री बने, सरकार भाजपा की बनी। उसी नीति का क्रियान्वयन लालबर्रा में हो रहा है, कही पर भी भेदभाव नही किया जा रहा है, जैसे जनपद में व्यवस्था थी कि जनपद पंचायत में जनपद अध्यक्ष ध्वजारोहण करेगी, बस स्टैण्ड में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ध्वजारोहण करेगें लेकिन उनके निधन के पश्चात जनपद उपाध्यक्ष ध्वजारोहण करेगा, यह जो व्यवस्था चले आ रही है वही वर्तमान में भी चल रही है उसमें कोई भी विवाद की स्थिति नही है। श्री ठाकरे ने बताया कि रही बात केन्द्र, राज्य एवं त्रि-स्तरीय पंचायती व्यवस्था की तो वर्तमान में जिला पंचायत में जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राटसिंह सरस्वार ने ध्वजारोहण किया उसी तरह जनपद में जनपद अध्यक्ष, ग्राम पंचायत में ग्राम सरपंच के द्वारा ध्वजारोहण किया जाता है। यह प्रक्रिया बनी हुई है अधिनियम के अनुसार उसी का पालन किया जा रहा है उसमें किसी प्रकार का विरोधाभास नही आना चाहिए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदरसिंह मंडलोई से दूरभाष पर बस स्टैण्ड गांधी मंच में ध्वजारोहण को लेकर हुए विवाद के संबंध में जानकारी लेने के लिए प्रयास किया गया परन्तु संपर्क नही हो पाया।










































