COVID-19 Vaccine: Oxford की कोरोना वैक्सीन भी 90% कारगर, भारत की मदद से बना है यह टीका

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COVID-19 Vaccine: कोरोना महामारी के खिलाफ जंग के बीच वैक्सीन के मोर्चे पर एक के बाद एक अच्छी खबर आ रही है। अमेरिका की दो कंपनियों के बाद अब ब्रिटेन ने दावा किया है कि Oxford की कोरोना वैक्सीन भी 90 फीसदी तक कारगर पाई गई है। खास बात यह है कि दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक कंपनी पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया इस प्रोजेक्ट में ब्रिटेन की Oxford University की पार्टनर है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर इस वैक्सीन को डेवलप किया है। इससे पहले अमेरिका की दवा कंपनी फाइजर ने दावा किया है कि उसका बनाया टीका 95 फीसदी असरदार पाया गया है। वहीं अमेरिका की ही एक अन्य कंपनी मॉडर्न ने अपनी दवा को 94 फीसदी कारगर बताया है।

अमेरिका में 11 या 12 दिसंबर से लग सकते हैं टीके

कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बीच अमेरिका से बड़ी खबर आई है। यहां की दवा बनाने वाली कंपनी फाइजर का बनाया टीक जल्द ही मरीजों को लगाने जा रहा है। अमेरिका में टीकाकरण कार्यक्रम के प्रमुख मोन्सेफ सलोई ने कहा है कि सबकुछ ठीक रहा तो अमेरिका में कोरोना का पहला टीका अगले महीने की 12 तारीख यानी 12 दिसंबर को लगा दिया जाएगा। फाइजर ने फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेश को आवेदन सौंपने के साथ ही उत्पादन शुरू कर दिया है। कंपनी ने पिछले दिनों दावा किया था कि उसकी बनाई दवा ट्रायल के दौरान 95% तक कारगर साबित हुई है। हालांकि किसी भी मरीज को टीका लगाने से पहले एफडीआई की अनुमति अनिवार्य होगी। कहा जा रहा है कि एफडीआई 10 दिसंबर तक अनुमति दे सकता है।

COVID-19 Vaccine update in India

भारत में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि कोरोना की वैक्सीन कब आएगी। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि भारत में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल एक या दो महीनों में पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर विकसित की जा रही कोरोना वैक्सीन एक या दो महीने में अपना अंतिम परीक्षण पूरा कर सकती हैं, जिससे दुनिया के दूसरे सबसे ज्यादा संक्रमण वाले देश यानी भारत में वैक्सीन के तेजी से रोल-आउट होने की उम्मीद बढ़ जाती है। भारत बायोटेक ने इस महीने में COVAXIN के तीसरे चरण के परीक्षण की शुरुआत की, जिसमें 26,000 वॉलिंटियर्स शामिल होंगे। 25-30 करोड़ भारतीयों को सितंबर 2021 तक कोरोना वायरस वैक्सीन से टीका लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में कुल 250 कंपनियां कोरोना वैक्सीन बनाने की कोशिश कर रही हैं। इनमें से 30 भारत में उत्पादन का मौका तलाश रही हैं, जबकि पांच दवाओं पर भारत में ट्रायल चल रहे हैं।स बीच, केंद्र से साथ मिलकर राज्य सरकारें इस प्लानिंग में जुट गई है कि वैक्सीन सामने आने के बाद सबसे पहले टीके किन्हें लगाए जाएंगे। साथ ही करोड़ों लोगों को टीके लगाने की व्यवस्था क्या रहेगी? अब तक की प्लानिंग के मुताबिक, सबसे पहले गर्भवति महिलाएं, बुजुर्गों और स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाए जाएंगे। भारत में भी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल हो रहा है। बीते दिनों हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने भी टीका लगवाया था।

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