प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के भाई इकबाल कासकर (Iqbal Kaskar) को गिरफ्तार कर लिया और मुंबई के स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे 7 दिनों की ईडी कस्टडी में भेज दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में दाऊद इब्राहिम और उससे जुड़े कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हैं। इकबाल कासकर ठाणे जेल में वसूली के मामलों में बंद है। इस मामले में पेशी के लिए इकबाल कासकर को महाराष्ट्र के ठाणे जेल से लाया गया था। माना जा रहै है कि ED महाराष्ट्र के दो बड़े नेताओं के डी कंपनी से कनेक्शन के बारे में जानने की कोशिश कर रही है।
इस मामले में ईडी को NIA से मिली खुफिया जानकारियां मिली थीं। उसके बाद से ही ईडी सक्रिय हो गई है और लगातार छापेमारी कर रही है। नेताओं के अलावा कुछ बड़े व्यापारियों पर भी यह शक है कि वे दाऊद इब्राहिम के अंडरवर्ल्ड के धंधे में साथ दे रहे हैं। इससे पहले ईडी ने मंगलवार को दाऊद इब्राहिम से संबंधित मुंबई के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर (Haseena Parkar) के घर भी चार घंटे तक छापेमारी चली थी।
इकबाल कासकर और हसीना पारकर के बारे में यह माना जाता है कि यही दोनों डी गैंग के धंधे को यहां से ऑपरेट करते रहे हैं। मंगलवार को ईडी ने छोटा शकील के सहयोगी सलीम कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। सलीम फ्रूट से जिन दस्तावेजों को लेकर पूछताछ हो रही है, उनमें दक्षिण मुंबई में कई अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त भी शामिल हैं। उनसे मिले पैसों को हवाला नेटवर्क के जरिए दाऊद इब्राहिम तक पहुंचाए गए। ईडी के मुताबिक दाऊद इब्राहिम अपने रिश्तेदारों और गुर्गों के जरिए मुंबई के रियल स्टेट बिजनेस में लगातार सक्रिय है। और इसका म में महाराष्ट्र के दो बड़े नेता और कुछ व्यापारी भी उसकी मदद कर रहे हैं।










































