ईरान-पाकिस्तान के बीच बढ़ रहा तनाव कम होने को है। दरअसल, पाकिस्तान की कैबिनेट ने फैसला किया है कि वह ईरान के साथ तनाव को कम करेगी। यह खबर समाचार एजेंसी रायटर्स ने ब्रॉडकास्टर जियो टीवी के हवाले से दी है।
कैबिनेट की बैठक से पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी सामने आए। उन्होंने कहा कि हम ईरान के साथ गतिरोध खत्म करना चाहते हैं। इसको आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है। उसके बाद ही कैबिनेट की ओर से फैसला आया है।
दरअसल, इस गतिरोध की शुरुआत ईरान ने जब पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक की, तब हुई थी। उसने पाकिस्तान के ब्लूचिस्तान में आंतकवादियों के ठिकानों पर हवाई हमला किया था। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया था कि इस हवाई हमले में आतंकी नहीं, बल्कि दो बच्चों की मौत हुई है। पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन जैश अल-अदल ने कहा था कि ईरान ने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक की है।
पाकिस्तान ने खत्म कर दिए थे राजनयिक संबंध
ईरान के इस हमले से घर के अंदर जनता के सवालों से परेशान पाकिस्तान ने 18 जनवरी को जवाबी कार्यवाही की। उसने ईरान पर एयर स्ट्राइक की। उसके बाद दोनों देशों के बीच स्थिति खराब होती चली गई। पाकिस्तान ने राजनयिक संबंधों को खत्म करते हुए ईरान के राजदूत को निष्कासित कर दिया था। अपने राजदूत को ईरान से बुला लिया था।










































