भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का नगर निगम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम बदनाम करने में जुटा है। जिस फ्लैट के लिए हितग्राहियों से 3 साल पहले 100 प्रतिशत राशि जमा करवा ली, उन्हें आज तक मकान नहीं दिया गया है। अब हितग्राहियों के हाथ में सिर्फ स्थायी आवंटन पत्र है, वे पूरी जमापूंजी जमा करने के बाद भी आज किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं।
हितग्राही झेल रहे दोहरी मार
एक ओर जहां नागरिक घर की लोन राशि ब्याज भर रहे हैं, वहीं हर महीने किराये के लिए रुपये अलग से देने पड़ रहे हैं। इस तरह हितग्राहियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
आईएसबीटी में नगर निगम ऑफिस के सामने प्रदर्शन
इसके लिए हितग्राहियों ने सोमवार को आईएसबीटी स्थित नगर निगम के दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। हितग्राहियों के अनुसार भोपाल में नगर निगम के हाउसिंग फॉर ऑल प्रोजेक्ट के तहत 12 नंबर स्टॉप, बाग मुगालिया और कोटरा सुल्तानाबाद में गंगानगर के पर करीब 6 वर्ष से अधूरे प्रोजेक्ट पड़े हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण जैसे ही ऑफिस पहुंचे, एक व्यक्ति उनके कदमों में गिरकर रोते हुए कहा कि सालों से भटक रहा हूं, मकान नहीं मिला। मुझे मकान दे दो। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने व्यक्ति को संभाला।
कमिश्नर के पैरों में गिरा शख्स
कमिश्नर ने लोगों को समझाया और कहा कि जल्द ही सभी को मकान दिए जाएंगे। एक हितग्राही ने कहा कि नगर निगम ने दीपावली में घर देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। अब तक न तो बिल्डिंग बनकर तैयार हुई है और न ही बिजली लाइन बिछी है। चारों ओर गंदगी है। मलबा पड़ा है। 5 साल से होम लोन की किश्त और मकान का किराया दोनों भर रहा हूं। वेतन का 50-60% हिस्सा केवल इसी में जा रहा है।










































