पाकिस्तान सुपर लीग यानि PSL 26 मार्च से 3 मई तक लाहौर और कराची में बंद दरवाजों के पीछे खेला जाएगा। इससे पहले इसके आयोजन पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है। दरअसल, PSL 2026 शुरू होने से ठीक चार दिन पहले टूर्नामेंट को एक बड़ा सिक्योरिटी खतरा बताया गया है। हथियारबंद ग्रुप तहरीक-ए-तालिबान (TTP) के जमात-उल-अहरार ग्रुप ने बयान जारी कर पीएसएल और विदेशी खिलाड़ियों को चेतावनी दी है। जमात-उल-अहरार ग्रुप ने अपने बयान में कहा है कि वह पाकिस्तान के प्रीमियर फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग टूर्नामेंट में मैच नहीं होने देंगे।
हथियारबंद गुट ने दी PSL न होने की धमकी
TTP ने दावा किया कि वह विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता और उन्हें इस साल टूर्नामेंट नहीं खेलना चाहिए। सोशल मीडिया पर इस ग्रुप का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि वे खेल गतिविधियों के पक्ष में हैं लेकिन सरकार के ‘नॉर्मलनेस’ दिखाने से सहमत नहीं हैं। इस हथियारबंद गुट ने सभी विदेशी खिलाड़ियों से पाकिस्तान न आने की अपील की है और कहा है कि उनकी सुरक्षा को लेकर कोई गारंटी नहीं है। इस हथियारबंद गुट का कहना है कि वह क्रिकेट के खिलाफ नहीं है, लेकिन पाकिस्तान की मौजूदा सुरक्षा हालात इस खेल की मेजबानी के लिए जरा भी ठीक नहीं हैं।
संडे गार्डियन के साथ बातचीत में TTP ने धमकी की पुष्टि की। TTP ने यह भी दावा किया कि वे मैच को रोकने के लिए जो भी जरूरी होगा, वैसा करेंगे। संडे गार्डियन से बात करते हुए TTP के एक सीनियर कमांडर ने कहा, ‘हम संबंधित क्रिकेट बोर्ड को सलाह देना चाहते हैं कि वे अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान न भेजें। अगर उन्हें कुछ होता है, तो यह हमारी जिम्मेदारी नहीं होगी। हमने पहले ही चेतावनी दे दी है। हम अपनी क्षमता के हिसाब से जो भी कर सकते हैं, करेंगे, लेकिन हम मैच नहीं होने देंगे। हां, हम पूरी कोशिश करेंगे कि मैच न हों और खिलाड़ी न खेलें।’








































