SC ने कहा, कैंसल कर सकते हैं लायसेंस, Airtel ने दिए मोबाइल डाटा चार्ज बढ़ाने के संकेत

0

Airtel समेत अन्य मोबाइल कंपनियों के एजीआर बकाया का मामला उलझता जा रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है, यहां जस्टिस अरुण मिश्रा, एस अब्दुल नजीर और एमआर शाह की पीठ ने कहा है कि अगर दूरसंचार कंपनियां AGR से संबंधित बकाया भुगतान करने के लिए तैयार नहीं है तो वह स्पेक्ट्रम आवंटन रद्द करने का आदेश दे सकती है। यदि बकाया राशि डुबने का खतरा है तो दूरसंचार विभाग को स्पेक्ट्रम लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए। पीठ ने ताजा सुनवाई में इस बिंदु पर फैसला सुरक्षित रखा कि क्या इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत कार्यवाही का सामना करने वाली टेलीकॉम कंपनियों को स्पेक्ट्रम बेचा जा सकता है?

एयरटेल ने दिए मोबाइल डाटा शुल्क बढ़ाने के संकेत

इस बीच, Bharat Airtel के चेयरमैन सुनील मित्तल ने मोबाइल डाटा सेवाओं में अगले 6 महीनों के दौरान बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश में डाटा दरें बेहद कम हैं और इस स्तर पर टेलीकॉम कंपनियों के लिए परिचालन में बने रहना बेहद मुश्किल है। उनके मुताबिक उद्योग की त्रासदी यह है कि सिर्फ 160 रुपये में एक महीने के लिए 16 जीबी डाटा मिल रहा है।

मित्तल ने कहा कि इस मूल्य पर ग्राहक या तो महीने में 1.6 जीबी डाटा (यानी मौजूदा उपलब्धता के 10वें हिस्से) के लिए खुद को तैयार करें। या वे और शुल्क भुगतान के लिए खुद को तैयार करें। हम अमेरिका और यूरोप की तरह महीने में 16 जीबी डाटा के लिए 50 या 60 डॉलर (3,750 रुपए से 4,500 रुपए) की मांग नहीं करने वाले हैं। लेकिन इतना तो तय है कि महज दो डॉलर (लगभग 150 रुपए) में 16 जीबी डाटा देकर कारोबार में बने रह पाना अब संभव नहीं है। उनका कहना था कि टेलीकॉम उद्योग ने मुश्किल वक्त में देश की बड़ी सेवा की है और अब उन्हें 5जी में भी निवेश करना है। ऐसे में अगले 5 से 6 महीनों में प्रति उपभोक्ता औसत राजस्व को इस स्तर पर लाना ही होगा कि उद्योग जगत का काम चलता रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here