शिवसेना का नाम और निशान छीने जाने के खिलाफ उद्धव ठाकरे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार दूसरे दिन सुनवाई नहीं हुई। इस पर उद्धव के वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से इस मामले की जल्द सुनवाई करने को कहा। उन्होंने दलील दी कि उद्धव गुट के एसेंबली ऑफिस पर पहले ही कब्जा किया जा चुका है। अगर कोर्ट से स्टे नहीं मिला, तो शिंदे गुट ऑफिस और बैंक अकाउंट भी छीन लेगा।
चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। अदालत ने उन्हें मंगलवार को याचिका दाखिल करने को कहा। मंगलवार को जब उद्धव के वकील सिब्बल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो कोर्ट ने कहा- बुधवार को संविधान पीठ में एक मामले की सुनवाई खत्म होने के बाद यह मामला सुनेंगे। अब सुप्रीम कोर्ट बुधवार को दोपहर साढ़े तीन बजे इस केस की सुनवाई करेगा।
संजय राउत बोले- अब सुप्रीम कोर्ट पर ही भरोसा
चुनाव आयोग से शिवसेना का नाम और निशान छीने जाने के फैसले पर उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि इस देश में सभी संस्थाएं खत्म हो गई हैं। लोकतंत्र की हत्या हो गई है, तो अब एक ही आशा बची है- सर्वोच्च न्यायालय। हम वहां जाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे।
नाम-निशान मिलने के बाद शिंदे की पहली कार्यकारिणी बैठक
चुनाव आयोग की तरफ से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को शिवसेना का नाम और सिंबल मिल चुका है। इसके तुरंत बाद शिंदे शिवसेना पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश में हैं। इस बदलाव के बाद वे मंगलवार को अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पहली बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि इसमें नए पदाधिकारियों की नियुक्ति हो सकती है।
उद्धव ने भी बुलाई अपने गुट की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक
इधर, शिवसेना का नाम और निशान गंवाने के बाद उद्धव ठाकरे भी आज पहली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करेंगे। न्यूज एजेंसी के मुताबिक बैठक के दौरान इस बात की चर्चा हो सकती है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से शिवसेना पर कंट्रोल कैसे वापस लिया जाए। मंगलवार शाम को कार्यकारिणी की बैठक में उद्धव नए स्थानीय नेताओं की नियुक्ति कर सकते हैं। इस दौरान आगे की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी










































