नई दिल्ली: अगले महीने से यूपीआई के इस्तेमाल में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ( NPCI ) ने 10 जुलाई 2025 को एक नया नियम जारी किया है। इस नियम के अनुसार अब आप अपनी क्रेडिट लाइन को यूपीआई से जोड़ सकेंगे। यानी अब आप बैंकों से लिए गए लोन को भी यूपीआई से इस्तेमाल कर पाएंगे। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार यह लोन एफडी, शेयर, बॉन्ड, प्रॉपर्टी, सोना आदि के बदले में लिया गया हो सकता है। अब आप पेटीएम, फोनपे जैसे ऐप्स से सीधे अपने लोन अकाउंट से पेमेंट कर सकेंगे।
एनपीसीआई के अनुसार, सभी यूपीआई सदस्य बैंक, पीएसपी यानी पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर, क्रेडिट लाइन जारी करने वाले और थर्ड-पार्टी ऐप प्रोवाइडर (TPAPs) को 31 अगस्त से पहले ये बदलाव करने होंगे। पहले यूपीआई से सिर्फ P2M यानी पर्सन टू मर्चेंट ट्रांजैक्शन ही हो सकते थे। लेकिन अब आप कैश निकाल सकते हैं, P2P यानी पर्सन टू पर्सन ट्रांजैक्शन कर सकते हैं और P2PM ट्रांजैक्शन भी कर सकते हैं। P2PM ट्रांजैक्शन छोटे व्यापारियों के लिए है, जिनका महीने का यूपीआई ट्रांजैक्शन 50,000 रुपये से कम होता है।
ऐसे समझें कैसे होगा फायदा
मान लीजिए आपने अपनी दुकान के लिए बिजनेस लोन लिया है। अब आपको एक ठेकेदार को 2 लाख रुपये देने हैं। अभी आपको बैंक ट्रांसफर के जरिये अपने बिजनेस लोन अकाउंट से पेमेंट करना होगा, क्योंकि आप इस लोन अकाउंट को यूपीआई से नहीं जोड़ सकते। लेकिन अगस्त 2025 से आप सीधे अपने बिजनेस लोन अकाउंट से यूपीआई पेमेंट कर पाएंगे।
यूपीआई पर क्रेडिट लाइन क्या है?
एनपीसीआई की वेबसाइट के अनुसार यूपीआई पर प्री-सैंक्शन क्रेडिट लाइन आपको अपने बैंक से पहले से मंजूर क्रेडिट लाइन लेने की अनुमति देता है, जिसे आप तुरंत लेन-देन करने के लिए अपने यूपीआई से जोड़ सकते हैं। क्रेडिट लाइन मूल रूप से एक पूर्व-निर्धारित राशि है जिसे आप किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान से उधार ले सकते हैं, और यह आपकी आय और क्रेडिट योग्यता के आधार पर निर्धारित की जाती है।










































