बिजनेस डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत के साथ एक ऐतिहासिक ट्रेड डील को “लॉक” करने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर मात्र 18% कर दिया गया है। यह कटौती न केवल भारत के लिए बड़ी जीत है, बल्कि चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसियों के लिए एक कड़ा संदेश भी है।
टैरिफ की तुलना: कौन कहां खड़ा है?
अमेरिका ने भारत को अब उन देशों की श्रेणी में ला खड़ा किया है जिनके साथ उसके व्यापारिक संबंध प्रगाढ़ हैं। नीचे दी गई तालिका से स्पष्ट है कि भारत अब अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है…
वैश्विक दिग्गजों के साथ भारत की स्थिति
हालांकि भारत का टैरिफ घटा है, लेकिन विकसित देशों के मुकाबले यह अब भी थोड़ा अधिक है…
यूनाइटेड किंगडम: 10%
यूरोपीय संघ / जापान / दक्षिण कोरिया: 15%
भारत: 18% (अब इनके करीब पहुंच गया है)
डील की संभावित शर्तें: भारत ने क्या खोया, क्या पाया?
हालांकि आधिकारिक विवरण अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं, लेकिन ट्रंप के बयानों के अनुसार भारत ने इस रियायत के बदले कुछ महत्वपूर्ण वादे किए हैं…
रूसी तेल पर लगाम: भारत रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद करने पर सहमत हो सकता है।
अमेरिकी तेल का आयात: भारत अमेरिका से तेल का आयात बढ़ाएगा।
जीरो टैरिफ का लक्ष्य: अमेरिकी सामानों पर भारत भी धीरे-धीरे टैरिफ खत्म करेगा।
बड़ा निवेश: विभिन्न क्षेत्रों में $500 बिलियन के अमेरिकी उत्पादों की खरीद का वादा।
इसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- निर्यात में उछाल: अमेरिका में भारतीय सामान (जैसे कपड़े, दवाइयां, और इंजीनियरिंग उत्पाद) सस्ते होंगे, जिससे निर्यातकों को फायदा होगा।
- चीन को झटका: जो कंपनियां चीन से अपना बेस हटाना चाहती हैं, उनके लिए भारत अब एक आकर्षक विकल्प बन गया है।
- रणनीतिक बढ़त: पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुकाबले अमेरिकी बाजार में भारत की पकड़ और मजबूत होगी।








































