‘‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’’ ये कहावत तो आप सभी ने सुनी ही होगी। जिसका अर्थ यह है कि जिसके साथ भगवान होता है उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। हम सभी के जीवन में ऐसी कई घटनाएं घटित हो जाती हैं जो इस कहावत को चरितार्थ करती हैं। लेकिन हम यहां पर आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आप भी यही कहेंगें कि इस व्यक्ति की रक्षा के लिए साक्षात भगवान ही आ गए होगें इसलिए यह बच सका है।
दरअसल दुनिया की सबसे बड़ी मछली व्हेल ने अमेरिकी मछुआरे को निगल लिया था ऐसी स्थिति में जाहिर सी बात है कि उसका बच पाना असंभव था। लेकिन ईश्वर की कृपा होगी कि वह बच कर लौट आया। जी हां माइकल पैकार्ड ने व्हेल द्वारा उसे जिन्दा निगल जाने के बाद खुद के बचने को लेकर फेसबुक पर लिखा है ‘मैं व्हेल के मुंह में करीब 30 से 40 सेकेंड तक रहा, इसके बाद वह सतह की ओर आई और उसने मुझे अपने मुंह से बाहर थूक दिया।
उन्होनें कहा कि -एक हंपबैक व्हेल ने मुझे खाने की कोशिश की इस दौरान मुझे चोटें आई हैं लेकिन मेरी एक भी हड्डी नहीं टूटी है। पैकार्ड ने स्थानीय अखबार कैप कोड टाइम्स को बताया कि जब वह मैसाचुसेट्स के तट से दूर लोबस्टर पकड़ने के लिए डुबकी लगा रहे थे तब ही पानी में नीचे मौजूद व्हेल ने उन्हें निगल लिया और मैनें अचानक एक विशाल झटके को महसूस किया इसके बाद मुझे याद है कि पूरी तरह से अंधेरा छा गया था।
इसलिए व्हेल ने मछुआरे को निगला
मैसाचुसेट्स के प्रोविंसटाउन में सेंटर फाॅर कोस्टल स्टडीज में हंपबैक व्हेल अध्ययन की निदेशक जूक राॅबिंस ने कहा कि मुझे लगता है कि यह महज एक मजाक है क्योंकि मैं इसमें शामिल लोगों को अच्छे से जानती हूॅं। राॅबिन्स ने कहा कि उन्होनें कभी भी इस तहर की घटना के बारे में नहीं सुना है लेकिन ऐसा हो सकता है कि पैकार्ड गलत समय पर गलत जगह मौजूद थे। हंपबैक व्हेल मुंह खोलकर बड़ी मात्रा में पानी को अपने मुंह के अंदर भरती है इसी वजह से पैकार्ड भी उसके मुंह में चले गए होगें।










































