भारत और इंग्लैंड के बीच आज अंडर-19 विमेंस वर्ल्ड कप का फाइनल खेला जाएगा। टी-20 फॉर्मेट के इस टूर्नामेंट का यह पहला ही संस्करण है। टीम इंडिया जहां न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हराकर फाइनल में पहुंची। वहीं, इंग्लैंड ने रोमांचक सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 3 रन से हराया।
भारत और इंग्लैंड ही टूर्नामेंट की टॉप-2 टीमें साबित हुईं। दोनों के बैटर और बॉलर्स पूरे टूर्नामेंट में छाए रहे। आगे खबर में हम फाइनल तक दोनों टीमों का सफर और उनकी स्ट्रेंथ जानेंगे। साथ ही दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग इलेवन पर भी नजर डालेंगे।
मेजबान को हराकर शुरुआत की
भारत ने अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत मेजबान साउथ अफ्रीका को हराकर की। टूर्नामेंट के ओपनिंग मैच में 167 रन का टारगेट टीम इंडिया ने 16.3 ओवरों में 3 विकेट पर हासिल कर लिया था। भारत ने फिर UAE को 122 और स्कॉटलैंड को 83 रन से हराकर पूल-डी में टॉप किया।
ऑस्ट्रेलिया से एकमात्र हार मिली
टीम इंडिया 4 पॉइंट्स के साथ सुपर-6 स्टेज में पहुंची। जहां पहले ही मैच में भारत को ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट से हरा दिया। सुपर-6 स्टेज के आखिरी मैच में भारत ने श्रीलंका को 20 ओवर में 59 रन ही बनाने दिए। टीम इंडिया ने फिर 7.2 ओवर में 7 विकेट पर टारगेट हासिल कर लिया। सेमीफाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया।
टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारा इंग्लैंड
इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में अपने सभी 6 मैच जीते। टीम ने अपने वॉर्म-अप मुकाबले भी जीते। पूल-बी में टीम ने जिम्बाब्वे, पाकिस्तान और रवांडा को बड़े अंतर से हराया। वहीं, सुपर-6 स्टेज में उन्होंने आयरलैंड और वेस्टइंडीज पर जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में उनका सामना ऑस्ट्रेलिया से हुआ।
इंग्लैंड पहले बैटिंग करते हुए 99 रन पर आउट हो गई। जवाब में ऑस्ट्रेलिया को 17 बॉल पर 4 रन की जरूरत थी और उनके 2 विकेट बाकी थे। इंग्लैंड ने दोनों विकेट चटका कर 3 रन से जीत हासिल की और फाइनल में जगह बना ली।
टीम इंडिया की बैटिंग स्ट्रॉन्ग
भारतीय टीम शेफाली वर्मा की कप्तानी में उतरी है। शेफाली ने उप कप्तान श्वेता सेहरावत के साथ पूरे टूर्नामेंट में अपनी बैटिंग से खूब रन बटोरे। श्वेता ने कई मौकों पर अहम पारियां खेल कर टीम को जीत दिलाई। वहीं, सौम्या तिवारी, ऋचा घोष और गोंगडी त्रिषा भी बैटिंग में भारत की मजबूत कड़ी है।
वहीं, इंग्लैंड की बात करें तो उनकी कप्तान ग्रेस स्रीवंस ने टूर्नामेंट के 6 मैचों में 289 रन बनाए। टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर 93 नॉटआउट भी उन्ही के बैट से आया। उन्होंने ही बॉलिंग से सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का आखिरी विकेट लिया। ऐसे में बॉलिंग के दौरान भारत को स्रीवंस से बचना होगा।










































