पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण पर चल रही सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। अब तक कांग्रेस के आरोप झेल रही भाजपा को खुद की पार्टी की ही वरिष्ठ नेत्री पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बयान से भारी झटका लगा है। रविवार रात को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमल नाथ ने बिना ओबीसी आरक्षण के पंचायत चुनाव नहीं कराने की मांग की थी, अब यही बात उमा भारती ने कही है।
उमा ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि बिना ओबीसी आरक्षण के पंचायत चुनाव करवाना 70 प्रतिशत जनता के साथ अन्याय होगा। उमा भारती ने एक के बाद एक तीन ट्वीट कर भाजपा सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया। पहले ट्वीट में उमा भारती ने कहा क मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर लगी न्यायिक रोक चिंता का विषय है।
उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत का भी हवाला दिया और कहा कि ‘मैंने उनसे आग्रह किया है कि ओबीसी आरक्षण के बिना मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव लगभग 70 प्रतिशत आबादी के साथ अन्याय होगा। इसलिए प्रचायत चुनाव में पिछड़े वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने का समाधान किए बिना पंचायत चुनाव न हो सके, इसका रास्ता हमारी मध्य प्रदेश सरकार को निकालना ही चाहिए। मुझे शिवराज जी ने जानकारी दी है कि वह इस विषय में विधि विशेषज्ञों से परामर्श ले रहे हैं।










































