- डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की बिजली व्यवस्था को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद ईरान का पावर ग्रिड चर्चा का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान 48 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता, तो उसके बड़े बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जा सकता है। इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि ईरान की बिजली व्यवस्था कितनी मजबूत है और क्या इसे आसानी से ठप किया जा सकता है।
- क्यों बना पावर इंफ्रास्ट्रक्चर अहम निशाना
- ईरान में बिजली व्यवस्था केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उद्योग, पानी शुद्धिकरण और डिजिटल नेटवर्क से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में अगर इस पर हमला होता है, तो इसका असर कई अहम क्षेत्रों पर पड़ सकता है। ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर उसकी ऊर्जा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया, तो वह भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अन्य देशों की ऊर्जा और तकनीकी प्रणालियों को निशाना बना सकता है।
- थर्मल पावर पर ज्यादा निर्भरता
- ईरान की बिजली उत्पादन प्रणाली मुख्य रूप से थर्मल पावर पर आधारित है। देश की 95 प्रतिशत से ज्यादा बिजली गैस और तेल से चलने वाले संयंत्रों से बनती है। ईरान में करीब 130 बड़े थर्मल पावर स्टेशन हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 78,000 मेगावाट है। इनमें कई संयंत्र 1,000 मेगावाट से ज्यादा उत्पादन करते हैं यानी भारत की तरह ईरान बिजली के लिए कोयले पर निर्भर नहीं है।
- बड़े पावर हब और उनका फैलाव
- देश में दमावंद, नेका और राजाई जैसे बड़े बिजली संयंत्र हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों को बिजली सप्लाई करते हैं। खास बात यह है कि ये संयंत्र अलग-अलग जगहों पर फैले हुए हैं, जिससे किसी एक पर हमला होने से पूरी व्यवस्था ठप नहीं होती। तेहरान जैसे बड़े शहरों में भी कई छोटे-बड़े संयंत्र मिलकर बिजली आपूर्ति को संतुलित रखते हैं।
- बड़े संयंत्रों को नुकसान पहुंचाना आसान नहीं
- विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े बिजली संयंत्रों को पूरी तरह नष्ट करना आसान नहीं है। ये बड़े क्षेत्र में फैले होते हैं और इनमें कई बैकअप सिस्टम भी होते हैं। अगर किसी एक बड़े संयंत्र को नुकसान भी पहुंचता है, तो इससे कुल बिजली उत्पादन का केवल 3-4 प्रतिशत ही प्रभावित होगा, जिससे पूरे देश में अंधेरा छा जाना मुश्किल है।
- मजबूत और फैला हुआ नेटवर्क
- ईरान का पावर ग्रिड काफी विस्तृत और मजबूत माना जाता है। इसमें लाखों किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन और वितरण लाइनें शामिल हैं, साथ ही हजारों सबस्टेशन और ट्रांसफॉर्मर भी लगे हैं, हालांकि सबस्टेशन पर हमला करने से किसी इलाके में अस्थायी बिजली कटौती हो सकती है, लेकिन इन्हें जल्दी ठीक भी किया जा सकता है।
- क्या पूरे देश में अंधेरा संभव है?
- रिपोर्ट्स के अनुसार, सामान्य हमलों से पूरे देश की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप करना मुश्किल है। अधिकतम स्थिति में कुछ इलाकों में ही अस्थायी बिजली कटौती हो सकती है, हालांकि लगातार और कई जगहों पर हमले होने पर धीरे-धीरे सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है।








































