बालाघाट शहर के वर्तमान समय के उत्कृष्ट स्कूल और पूर्व के गवर्नमेंट स्कूल में पढ़ने वाले हर एक छात्र स्कूल परिसर के भीतर रहने वाली इस माताजी से बहुत अच्छी तरह से परिचित है। जिनका 25 फरवरी को निधन हो गया। जिन का अंतिम संस्कार स्कूल के पूर्व छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर पूरे रीति-रिवाज से जागपुर घाट में अंतिम संस्कार किया।
25 फरवरी की सुबह हनुमान चौक स्थित कांग्रेस कार्यालय कांप्लेक्स के नीचे किसी व्यक्ति ने एक महिला को मृत अवस्था में दिखा, जिसकी पहचान उत्कृष्ट स्कूल परिसर में रहने वाली बुजुर्ग माताजी के रूप में की गई।
सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी स्कूल की कुछ पूर्व छात्रों को लगी जिन्होंने तत्काल हनुमान चौक पहुंचकर प्रशासन को इसे लावारिस लाश के रूप में अंतिम संस्कार ना करने का निवेदन किया और शव का सुब्रत नामा ले लिया।
पुलिस प्रशासन द्वारा विधिवत तौर पर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और पूर्व छात्रों और शिक्षकों को शव सौप दिया गया। उपस्थित जनों ने पूरे रीति रिवाज के साथ आर्थी सजाई, शव यात्रा निकाली और जागपुर घाट में अंतिम संस्कार किया।
स्कूल परिसर में रहने वाली इस बुजुर्ग महिला द्वारा कभी किसी को परेशान नहीं किया गया। बेहद शांत स्वभाव की महिला हमेशा खामोश रहती किसी से बात नहीं करती इस के परिजनों के विषय में किसी को कोई जानकारी नहीं।
शव यात्रा में शामिल हुए स्कूल के पूर्व छात्र जो अब स्वयं इस स्कूल में शिक्षक है उन्होंने बताया कि लगभग 45 वर्ष पहले इस स्कूल में पढ़ने आए थे तब से इस बुजुर्ग महिला को जानते हैं। उनके निधन की खबर सुनकर सभी ने मिलकर उनका सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।










































