उलझनो मे अटकी किसान मित्र की भर्ती

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बालाघाट (पद्मेश न्यूज़)। कृषि विभाग के माध्यम से संचालित की जाने वाली विभिन्न योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को देने के लिए पूर्व में शासन द्वारा किसान मित्र के नाम से किसानों की भर्ती की थी लेकिन उन्हें स्थाई नहीं किया गया था। जो हजार रु प्रति माह के मानदेय पर कार्य कर शासन प्रशासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी ग्रामीण किसानों को देते थे और कृषि विभाग से प्राप्त होने वाली सामग्रियों का वितरण किसानों को करते थे।जो लंबे समय से स्थाई होने की आस लगाए बैठे है।लेकिन शाशन द्वारा स्वीकृत की गई किसान मित्रो की भर्ती उलझनों में अटकी हुई है। जहा शासन ने भर्ती तो निकाल दी है लेकिन उसके नियमो को लेकर पुराने किसान मित्र उलझ गए है।
जिले में 640 किसान मित्रो की होनी है भर्ती
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 640 किसान मित्रों की भर्ती की जाएगी जिसमें 2 गांव के बीच से एक किसान मित्र का चयन किया जाएगा,और जल्द ही जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन कर 25 से 40 वर्ष के बीच आयु के किसानों से आवेदन मंगाए जाएंगे।बताया जा रहा है कि किसान मित्र बनाने के लिए कर्षि विभाग के पास अब तक लगभग1500 किसानों के आवेदन आ चुके है। इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर जहां एक ओर कृषि विभाग नियम कानूनों के तहत किसान मित्रों की भर्ती किए जाने की बात कह रहा है तो वहीं दूसरी ओर पूर्व से किसान मित्र के तौर पर कार्य कर रहे किसान मित्रों ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए किसान मित्र के पद पर पूर्व से कार्य कर रहे लोगों की भर्ती किए जाने की मांग की है।
10 साल सेवा लेने के बाद किसान मित्रो को सरकार ने दिखाया था बाहर का रास्ता
आपको बताएं कि वर्तमान समय में किसान मित्र के रूप में कार्य कर रहे हैं किसान पिछले कई वर्षों से किसान मित्र के रूप में कार्य कर रहे हैं जिनकी भर्ती वर्ष 2005-06 में की गई थी तब से लेकर 2015-16 तक किसान मित्रों से सरकार ने भरपूर काम लिया लेकिन जब उनकी शासकीय भर्ती का समय आया तो वर्ष2016 में किसान मित्रों को हटा दिया उसके बदले किसान बंधु भर्ती किए जाने की योजना बनाई लेकिन किन्ही कारणों के चलते भर्ती नहीं हो सकी जिसको लेकर पूर्व में किसान मित्र का काम संभाल रहे किसानों ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर उनकी भर्ती किसान मित्र या “कसान बंधु के तौर पर किए जाने की मांग की और वे तब से लेकर आज तक इस भर्ती की राह देख रहे हैं लेकिन शासन के नियम अनसार पूर्व में किसान मित्र के रुप में कार्य कर चुके किसानों को इस भर्ती में प्राथमिकता देने का कोई नियम नहीं रखा गया है जिसके चलते किसान मित्रों में मायूसी छाई हुई है वहीं उन्होंने भर्ती में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की है।
हमे भर्ती में दी जाए प्राथमिकता-किशोर पटले
मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान जिला किसान मित्र संघ अध्यक्ष किशोर पटले ने बताया कि इस भर्ती प्रक्रिया में पहले से कार्य कर रहे लोगों को भर्ती किए जाने की मांग संघ द्वारा की गई थी जिसके आदेश हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए हैं इस आदेशों के तहत जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी कर जिले के सभी 640 पुराने किसानों को किसान मित्र बनाना चाहिए।
किसी को प्राथमिकता देने का कोई नियम नही है-सीआर गौर
वहीं इस पूरे मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान कृषि उपसंचालक सी आर गौर ने बताया कि किसान मित्र की भर्ती करने के लिए जल्द ही ग्राम सभा का आयोजन कर आवेदन फॉर्म मंगाए जाएंगे जहां 2 गांव के मध्य से एक किसान मित्र का चयन किया जाएगा चयन का पूरा अधिकार प्रभारी मंत्री के हाथों में होगा उन्होंने बताया कि इस भर्ती प्रकिया में पुराने लोगों को प्राथमिकता देने या ना देने के कोई निर्देश शासन द्वारा जारी नहीं किए गए है उन्होंने बताया कि किसान मित्र की भर्ती शासन के नियम के तहत ही की जाएगी जिसमें नए या पुराने किसान मित्र की भर्ती करने या नहीं करने का कोई प्रावधान नहीं है ।

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