एम्स ने लांच किया हेल्दी स्माइल फोन एप

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राजधानी दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), चिकित्सा जगत के स्थापित शीर्ष अस्पतालों में से एक है, जहां आधुनिक और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की वजह से देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग इलाज कराने के लिए पहुँचते है। लोगों के इस भरोसे और विश्वास पर खरा उतरने के प्रयास में एम्स प्रशासन अपनी सुविधाओं को लगातार सुगम और उन्नत बनाने के लिए प्रयासरत रहता है। इसी कड़ी में अब एम्स ने एक एप हेल्दी स्माईल लॉन्च किया है, जो बच्चों में होने वाली दांतो की समस्याओं कोत्रित करने में बहुत ही सहायक होगी। अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे की दांतों में कैविटी या दांत की कोई अन्य बीमारी है तो ये एप आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। छोटे बच्चों में दांतों की बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए एम्स ने एक ऐसा ऐप विकसित किया है जो बच्चों को न सिर्फ दांतों को ब्रश करने का सही तरीका सिखाएगा बल्कि उन्हें मुँह की स्वच्छता के प्रति जागरुक भी करेगा। अस्पताल प्रशासन का यह एप्लीकेशन हैल्दी स्माइल के नाम से गूगल प्लेस्टोर पर हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। जिसे आप अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन में मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं। एम्स के शिशु दंत चिकित्सा विभाग में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ कल्पना बंसल ने बताया कि दांतों की कैविटी या दांतों में कीड़ा लगना विकसित और विकासशील देशों में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है और हमारे देश के 40-50 प्रतिशत बच्चों में यह बीमारी बहुत अधिक पाई गई है। इसके पीछे दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और शिक्षा की कमी के साथ उचित दंत चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच न होना भी है। ब्रश करने की खराब आदतें, गलत खान-पान की आदतें और दंत रोगों के उपचार में लापरवाही बरतना है जिसके चलते स्थिति हल्के से गंभीर हो जाती है। दांत में कीड़ा लगना और मसूड़े की सूजन जैसे दंत रोग को लेकर आमतौर पर लोग कोताही बरतते हैं। वहीं, बच्चों को लाड़-प्यार के नाम पर उन्हें बार-बार चीनी युक्त स्नैक्स और सेहत के नाम पर फलों का रस बेधड़क देते हैं, जो सबसे ज्यादा हानिकारक होते हैं।

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