सोमवार को जिला अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ के नहीं होने की वजह से बच्चे और उनके परिजन कई घंटे तक डॉक्टर के इंतजार करते रहे लेकिन डॉक्टर नहीं पहुंचे जब जानकारी दी गई तो पता चला कि डॉक्टर साहब तो कलेक्टर द्वारा सोमवार को आयोजित समय सीमा बैठक टीएल में गए थे।
चिकित्सको के गायब रहने के चलते कई लोग हताश होकर प्राइवेट अस्पताल या निजी क्लिनिक में जाने के लिए मजबूर है तो वही कई लोग चिकित्सकों के इंतेजार में ओपीडी के बाहर घन्टो लाइन लगाकर खड़े रहे के लिए मजबूर है।
जिस का एक नजारा सोमवार को जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ ओपीडी कक्ष के बाहर देखा गया। 2 दर्जन से अधिक मरीजों और उनके परिजनों को चिकिसक के लिए 4 से 5 घंटे तक का इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल सिविल सर्जन डॉ संजय धबड़गांव ने बताया कि जिला अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी नहीं है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नीलय जैन कलेक्टर कार्यालय में आयोजित टीएल बैठक में गए हैं जबकि डॉ आशुतोष बागरे की नाईट ड्यूटी है। वही महिला डॉक्टर नवजात गहन चिकित्सा यूनिट में नवजात बच्चों की जांच,व उपचार कर रही है।










































