छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सोमवार को सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई। सरकार द्वारा 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को सशस्त्र माओवादियों से मुक्त घोषित किए जाने के 12 दिन बाद यह मुठभेड़ हुई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी सुबह छोटे बेथिया थाना क्षेत्र के एक वन क्षेत्र में हुई, जब सुरक्षाकर्मियों का एक दल नक्सल विरोधी अभियान पर निकला था।
उन्होंने कहा, अभी तक घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव और एक हथियार बरामद किया गया है। अधिकारी ने बताया कि मृतक नक्सली की पहचान माओवादियों की प्रतापपुर क्षेत्र समिति की सदस्य रूपी के रूप में हुई है। नक्सल एरिया कमांडर रूपी, जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था, छोटे बेतिया पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारी गई। मुठभेड़ वाली जगह से हथियार के साथ शव बरामद किया गया है।
माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा कि सरकार लगातार माओवादियों से आत्मसमर्पण करने और पुनर्वास लाभ लेने की अपील कर रही है, जिसके चलते हाल के महीनों में बड़ी संख्या में माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटने का विकल्प चुना है। हालांकि, उन्होंने बताया कि रूपी समेत कुछ कैडर हिंसा के रास्ते पर चलते रहे, जिसके कारण अंततः ये परिणाम सामने आए।












































