कार्तिक पूर्णिमा में बालाजी मंदिर में जलाये गये टिपुर

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नगर मुख्यालय की ग्राम पंचायत पांढरवानी अंतर्गत ग्राम रामजीटोला में स्थित अतिप्राचीन तिरूपति बालाजी मंदिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ९ नवंबर को दिन-रात के मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रात: ८ बजे से श्रध्दालुओं द्वारा अपनी-अपनी मन्नत के अनुसार पूजन अर्चन किया गया एवं श्री सत्यनारायण भगवान की कथा का वाचन कर अनुष्ठान के पश्चात भगवान बालाजी का अभिषेक करवाया गया जिसके बाद शाम ५ बजे से कथा पूजन किया गया एवं रात ८ बजे आरती की गई जिसके पश्चात ग्रामीणजनों ने अपने-अपने घरों से घी-तेल लाकर मंदिर में एकत्रित होकर सामूहिक रूप से पारंपरिक तौर पर टिपुर जलाये जिससे पुरा मंदिर परिसर टिपुर दीये से जगमगा उठा। विदित हो कि अति प्राचीन बालाजी मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लालबर्रा क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों से श्रध्दालुजन बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान बालाजी की पूजा अर्चना प्रतिवर्ष करते है साथ ही जो भक्तजन स’चे मन से बालाजी की आराधना करता है उसकी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। रामजीटोला में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ९ नवंबर को आयोजित दिन-रात के मेले के अवसर पर ग्रामीणजनों के रात्रिकालीन मनोरंजन के लिए रात ९ बजे से धार्मिक- सांस्कृतिक छत्तीसगढ़ी लोक रंजनी (दैहान बांदा बाजार – राजनांदगांव छ.स.) का आयोजन किया गया था जिसमें गायक कलाकर क्रांतिबसु, मोहित यादव, पुरूषोत्तम मानिकपुरी, गायिका पायल अग्रवाल, माहेश्वरी उयके, इशिका मंडावी व अन्य कलाकारों के द्वारा राउत नाचा, गम्मत- हास्य प्रहसन जैसी विभिन्न विधाओं पर मनमोहक प्रस्तुती दी गई जिसका उपस्थितजनों ने रातभर लुप्त उठाया। चर्चा में श्रध्दालुओं ने बताया कि रामजीटोला में स्थित बालाजी मंदिर बहुत पुराना है और कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मेला भी लगता है एवं क्षेत्र के श्रध्दालुजन पहुंचकर पूजा अर्चना करते है और इस मंदिर की मान्यता है कि जो भी भक्तजन सच्चे मन से बालाजी की आराधना करता है उसकी मनोकामना भी पूर्ण होती है।

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