गुड़ीखेड़ा सोसायटी में किसानों ने चना बेचा। किसानों को फर्जी बिल दे दिए गए, उनका भुगतान नहीं किया गया। किसान सोसायटी के चक्कर लगाते रहे, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। आठ माह से अधिक का समय गुजर जाने के बाद एक किसान ने जनसुनवाई में मामले की शिकायत कर दी। कलेक्टर ने जांच के आदेश उपायुक्त सहकारिता को दिए। प्राथमिक जांच में यहां गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद एक किसान का मामला, कई किसानों का हो गया। यहां और भी किसानों ने आवाज उठाई कि उन्हें भी चने का भुगतान नहीं किया गया है।
सोसायटी में हुए घोटालों की जांच की मांग को लेकर सोमवार सुबह करीब 11 बजे भारतीय किसान संघ ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। यहां बड़ी संख्या में एकत्रित हुए किसानों ने समिति के गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान समिति प्रबंधक और कर्मचारी आधे घंटे तक अंदर ही बंधक बने रहे।
उपायुक्त सहकारिता से फोन पर चर्चा
मौके पर नायब तहसीलदार पहुंचे और किसानों से चर्चा के बाद उपायुक्त सहकारिता से फोन पर चर्चा की। उन्होंने तीन दिन में जांच पूरी कर किसानों को उनका भुगतान दिलाने की बात कही। इसके बाद किसानों ने सोसायटी में बंद प्रबंधक और कर्मचारियों को बाहर निकाला।










































