कल 8 अगस्त को जिला पंचायत बालाघाट में नव निर्वाचित अध्यक्ष उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का शपथ ग्रहण एवं प्रथम सम्मेलन होना है। ज्ञात हो की जिला पंचायत में अध्यक्ष के पद पर कांग्रेस के सम्राट सरसवार निर्वाचित हुए हैं और यह उनका शपथ गृहण समारोह है। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राजनीति से परे हटकर प्रोटोकाल का पूरा-पूरा सम्मान करते हुए प्रदेश शासन के मंत्री एवं परसवाड़ा क्षेत्र के विधायक रामकिशोर कावरे को मुख्य अतिथि, सांसद डॉक्टर ढालसिंह बिसेन को प्रमुख अतिथि, तथा गौरीशंकर बिसेन एवं श्रीमती रेखा बिसेन को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है और बकायदा इस आशय का निमंत्रण कार्ड में उल्लेख है। चूंकि अब वर्तमान में जिला पंचायत की सत्ता में कांग्रेस पक्ष के पदाधिकारी चुनकर आए हैं बावजूद उन्होंने भाजपा के जनप्रतिनिधियों को पूरा सम्मान देते हुए शपथ ग्रहण में बुलाया है, लेकिन सवाल यहां यह उठ रहा है कि भाजपा पक्ष के ये जनप्रतिनिधि कल के इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे या समारोह का बायकाट करेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के ये नेतागण कल के समारोह में भाग संभवत: नहीं लेंगे। भाजपा के जनप्रतिनिधियों के समारोह में नहीं आने के पीछे का कारण ज्ञात नहीं हो सका है। हो सकता है पूर्व से ही उनके कुछ अन्य कार्यक्रम निर्धारित हो जिसके चलते वे नहीं आ पा रहे हों। लेकिन यदि वे नही आयेंगे तो राजनैतिक गलियारों में चर्चाएं तो जरूर गूंजेंगी और अटकलें भी लगाई जाएंगी कि कहीं जिला पंचायत द्वारा जारी कार्ड में कोई कमी तो नहीं। वैसे कार्ड में जो क्रम है उसमे गौरी भाऊ का नाम चौथे क्रम पर है सबसे उपर मुख्य अतिथि के रूप में रामकिशोर कावरे, दूसरे क्रम पर प्रमुख अतिथि सांसद डॉक्टर ढालसिंह बिसेन , तीसरे क्रम पर अध्यक्षता पूर्व विधायक अशोकसिंह सरसवार फिर चौथे क्रम पर विशिष्ट अतिथि के रूप में गौरीशंकर बिसेन का नाम है, तो क्या नामों की क्रम संख्या, नहीं आने की वजह बनेगी यह देखना होगा। वैसे गौरी भाऊ के जितने भी राजनैतिक या सामाजिक कार्यक्रम होते आए है उनमें भाऊ का नाम क्रम में उपर होता है बाद में रामकिशोर कावरे का रहता है। लेकिन प्रोटोकाल के अनुसार श्री कावरे का नाम उपर होना चाहिए शायद इसीलिए प्रशासन ने इस कार्यक्रम में क्रम का ध्यान रखा है।










































