खतरे से बाहर आए रुश्दी, वेंटिलेटर हटा, हमलावर ने नहीं स्वीकारा अपराध

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भारतीय मूल के ख्यात 75 वर्षीय लेखक सलमान रुश्दी को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। रुश्दी पर शुक्रवार न्यूयॉर्क में एक मंच पर भाषण के दौरान चाकू से हमला किया गया था। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वे पूरी तरह खून से लथपथ थे। अस्पताल में बताया गया कि उनका लीवर क्षतिग्रस्त हो गया था और एक आंख खोने की संभावना भी बनी हुई थी। खबर के अनुसार सलमान रुश्दी के एजेंट एंड्रयू वायली ने इस बात की जानकारी दी है कि रुश्दी को वेंटीलेटर से हटा दिया गया है और अब वह बात करने में भी सक्षम हो सकते हैं। जबकि न्यूयॉर्क पुलिस ने एक बयान में कहा कि रुश्दी पर चाकू से हमला करने वाले 24 वर्षीय हादी मतार को शनिवार को रिमांड पर चौटाउक्वा काउंटी जेल लाया गया। न्यूयॉर्क की अदालत में आरोपी ने लगाए गए आरोपों के लिए दोषी नहीं होने का दावा किया है।
रुश्दी पर हुए इस हमले के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसकी व्यापक रूप से निंदा हुई। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्वीट किया कि ‘सर सलमान रुश्दी को छुरा घोंपा गया। अभी मेरी संवेदनाएं उनके चाहने वालों के साथ हैं। हम सभी उम्मीद कर रहे हैं कि वह ठीक हैं।’ वहीं ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने भी कहा है कि ‘सलमान रुश्दी पर हुए हमले के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्र मूल है। जिसे हम प्रिय मानते हैं। इसे काम करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।’
ज्ञात हो कि रुश्दी पर हुए इस हमले के बाद ईरान के स्थानीय लोगों ने हमलावर का समर्थन किया है। रुश्दी की किताब ‘द सैटेनिक वर्सेज’ प्रकाशित होने के बाद एक विवाद पैदा हो गया था। जिसके बाद ईरान के धार्मिक नेता अयातुल्ला खोमैनी ने रुश्दी को मौत की सजा देने का फतवा जारी किया था। हत्या करने वाले को 30 लाख डॉलर से अधिक का इनाम देने की भी पेशकश की गई थी।

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