गांव में एक भी स्वीकृत नहीं हुआ पीएम आवास

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बालाघाट(पदमेश न्यूज़)
जिले में ऐसे कई हितग्राही है जो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने की राह देख रहे हैं लेकिन लाख जतन के बावजूद भी उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे हितग्राहियों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। ताजा मामला जनपद पंचायत वारासिवनी के अंतर्गत आने वाली पंचायत झालीवाड़ा का है ।जहां के लगभग 400 हितग्राहियो को वर्षो के लंबे इंतजार के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नही दिया गया है। वही उसका नाम पीएम आवास योजना पोर्टल सूची से भी हटा दिया गया है।जिस पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम झालीवाड़ा से आए करीब एक सैकड़ा ग्रामीणों ने उसके घर का सर्वे कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक ज्ञापन सौपा है। जहां ग्रामीणों ने जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न देते हुए ,गैर जरूरतमंद लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ देने, इस वर्ष एक भी मकान पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत ना कराने और योजना का लाभ देने के लिए जरूरतमंदों को तरह-तरह से गुमराह किए जाने का आरोप लगाया है, तो वहीं उन्होंने आवेदन निवेदन पर भी समस्या का समाधान न किए जाने की बात कहते हुए तत्काल उनकी समस्याओं का निराकरण कर उन्हें पक्के मकान की सौगात दिए जाने की गुहार लगाई है। जिन्होंने जल्द से जल्द पक्के मकान की सौगात ना मिलने पर समस्त ग्रामणो के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन कर अनशन किए जाने की चेतावनी दी है।

इस साल गाँव मे एक भी मकान स्वीकृत नही हुआ
ज्ञापन सौपने कलेक्टर कार्यालय पहुचे ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल प्रत्येक पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने के लिए हितग्राहियों की लिस्ट आती है। इस साल हमारे गांव से 80 लोगों के नाम लिस्ट में गए हुए थे। जिसमें से 30 नाम कट गए थे और 50 नाम की लिस्ट फाइनल करके शासन को भेजी गई थी।लेकिन उस 50 नाम में से 05 नाम भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नहीं आए। यहां तक की एक भी व्यक्ति को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति नहीं मिली। इसके पूर्व भी हमने 4 से 5 बार इसी मांग को लेकर ज्ञापन सौपा है। जनसुनवाई में भी आवेदन लगा चुके हैं। लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है जिससे ग्रामीण आक्रोशित है।

आवास नहीं चाहिए,5 एकड़ जमीन ही दे दो शुक्रवार की दोपहर उक्त मांग को लेकर ज्ञापन सौपने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ऐसे कई लोग हैं जिनके सर पर छत नहीं है और ना ही उनके पास कोई भूमि है। लेकिन पंचायत वाले लिस्ट देखकर बता रहे हैं कि उनके नाम पर 5 एकड़ जमीन रिकॉर्ड में दिख रही है। जबकि कई ग्रामीणों के पास 05 एकड़ तो दूर की बात एक एकड़ या एक डिसमिल भी जमीन नहीं है बावजूद इसके भी उन लोगों के नाम पर 5 एकड़ जमीन दिखाना हमारी समझ के बाहर है। इसकी भी जांच कराई जानी चाहिए, कि आखिर ग्रामीणों के नाम से 5 एकड़ जमीन कैसे दिख रही है या फिर जानबूझकर कोई ऐसी हरकत कर रहा है इसकी जांच होनी चाहिए।जाँच कर दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। वही पुन सर्वे कराकर प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान आवंटित किए जाने चाहिए ।उन्होंने बताया कि यदि सरकारी रिकॉर्ड में हमारे नाम से 5 एकड़ भूमि दिख रही है तो फिर हमें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं चाहिए। और यदि हमारे नाम पर 5 एकड़ भूमि दिख रही है तो हमें मकान के बदले पांच एकड़ भूमि दे दी जाए।

हमारा घर नहीं है, दूसरे के घर में रहने मजबूर हैं- ममता
ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान ग्राम झालीवाड़ा निवासी श्रीमती ममता बाई बारेकर ने बताया कि उनकी शादी को करीब 20 वर्ष हो गए हैं आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें मकान बनाने की स्वीकृति नहीं मिली है। पंचायत गए तो सचिव बोलते हैं कि सर्वे में नाम ही नहीं है हमारी समस्या पर पंचायत वाले ध्यान नहीं दे रहे हैं हमारा खुद का कोई मकान नहीं है हम दूसरों के मकान में रह रहे हैं ।सास ससुर सहित अन्य सदस्यों से हम अलग रहते हैं हमारा नाम राशन कार्ड समग्र आईडी, सब कुछ अलग है। उन्होंने बताया कि उनके पति विकलांग है बेटी भी विकलांग है एक अन्य बेटी भी है जिसके साथ अपना गुजारा कर दूसरे के मकान में रह रहे हैं। बावजूद इसके भी अब तक हमें पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला है।

तो धरना प्रदर्शन कर अनशन पर बैठ जाएंगे- सरवर देशमुख
वही ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान ग्राम झालीवाड़ा के ग्रामीण सरवर देशमुख ने बताया कि इस वर्ष हमारे गांव में एक भी प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान स्वीकृत नहीं हुआ है। हर गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट आई है लेकिन हमारे गांव में किसी भी मकान को स्वीकृति नहीं मिली। गांव में करीब 400 लोग ऐसे हैं जिनके मकान टूट चुके हैं मकान रहने लायक दशा में नहीं है। कई बार आवेदन निवेदन करने पर भी हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिस व्यक्ति के नाम पर भूमि नहीं है उसे व्यक्ति के नाम पर भी 5 एकड़ भूमि होना बताया जा रहा है। इसमें सॉफ्टवेयर की गलती है या फिर जानबूझकर गलती की गई है इसकी जांच होनी चाहिए, जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों कर्मचारियों को सजा दिलानी चाहिए। वही गांव का पुनः सर्वे करा कर प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान आवंटित किए जाने चाहिए या फिर जिसके नाम पर 5 एकड़ भूमि दिख रही है उसे 5 एकड़ भूमि निकाल कर दी जानी चाहिए। अपनी इसी मांग को लेकर आज हमने ज्ञापन सोपा है यदि जल्द से जल्द हमारी इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता तो फिर समस्त आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा धरना प्रदर्शन कर अनशन शुरू किया जाएगा।

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