गायत्री शक्तिपीठ में मनोकामना ज्योति कलश जवारों का हुआ विसर्जन

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पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ कर विभिन्न संस्कार नि:शुल्क किये गये

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर के लालबर्रा रोड़ स्थित प्रतिष्ठित गायत्री शक्तिपीठ में शारदेय नवरात्र पर्व का समापन अत्यंत धूमधाम, विधि विधान और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। पर्व के अंतिम दिन नवमी तिथि १९ अक्टूबर को मनोकामना ज्योति कलश और जवारों का विसर्जन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां भगवती और वेदमाता गायत्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।

१४५ मनोकामना ज्योति कलशों से जगमग हुआ शक्तिपीठ

क्षेत्र और जिले भर में अपनी विशेष ख्याति रखने वाले गायत्री शक्तिपीठ में हर वर्ष की तरह इस बार भी शारदेय नवरात्र पर्व पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। पर्व का शुभारंभ ११ अक्टूबर को १४५ मनोकामना ज्योति कलशों की स्थापना के साथ हुआ था। प्रज्वलित किए गए कुल १४५ ज्योति कलशों में ९९ तेल के और ४६ घी के कलश शामिल थे। इन ज्योति कलशों को नगर क्षेत्र बालाघाट जिले के साथ साथ अन्य बाहरी जिलों से आए श्रद्धालुओं द्वारा अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु प्रज्वलित कराया गया था। नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित रूप से माता की आरती, जाप और भगवती के नौ रूपों की विशेष आराधना की गई।

पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ और नि:शुल्क संस्कार

नवमीं तिथि के पावन अवसर पर १९ अक्टूबर की सुबह शक्तिपीठ परिसर में पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। यह यज्ञ लगभग ३ घंटे तक चला जिसे तीन चरणों में संपन्न कराया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने बारी बारी से पूर्णाहूति दी। महायज्ञ के दौरान विभिन्न संस्कार पूरी तरह नि:शुल्क रूप से संपन्न कराए गए। यज्ञ के पश्चात गायत्री परिवार के नियमों का आह्वान करते हुए सभी से उनके पालन करने की अपील की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने वेदमाता गायत्री का आशीर्वाद ग्रहण किया।

विधि विधान से हुआ जवारे और ज्योति कलशों का विसर्जन

यज्ञ और पूजन के उपरांत गायत्री मंदिर के कक्ष में मनोकामना ज्योति कलशों की विशेष पूजा अर्चना कर भोग लगाया गया। महिलाओं के द्वारा श्रद्धापूर्वक मनोकामना ज्योति कलशों और जवारों को निकालकर गायत्री मंदिर प्रांगण स्थित सावित्री मंडपम में लाया गया। यहां विधि विधान से अंतिम पूजा अर्चना करने के बाद बड़े गंज में भरे पवित्र जल में जवारों और ज्योति कलशों का विसर्जन किया गया। विसर्जन कार्यक्रम के पूर्ण होने के बाद उपस्थित सभी भक्तों को महाप्रसादी का वितरण किया गया।

आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

इस भव्य धार्मिक आयोजन में गायत्री परिवार के सदस्यों और गायत्री शक्तिपीठ से जुड़े गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति व श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर समिति के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य नगर और संपूर्ण क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि बनाए रखना तथा सभी भक्तों के जीवन में मंगल की कामना करना है।

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