घोषणाओं की भेंट चढ़ी हट्टा कॉलेज की स्वीकृति

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जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत हट्टा में क्षेत्रीय जनता द्वारा नवीन कॉलेज खोले जाने की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही है लेकिन शासन प्रशासन की उदासीनता के चलते कॉलेज खोलने का सपना अभी अधूरा है। बताया जा रहा है कि आज से करीब 8 वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब हट्टा में एक जनसभा को संबोधित करने आए थे तब उन्होंने हट्टा में जल्द ही नया कॉलेज खोलने की घोषणा की थी।लेकिन घोषणा के लंबे समय तक हट्टा में कॉलेज खोलने की प्रक्रिया तक शुरू नहीं की गई ।जिसके बाद दिसम्बर 2018 मे शिवराज सिंह चौहान की सरकार गिर गई और कांग्रेस सत्ता में आई । जहां क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय लोगों की मांग के अनुरूप कमलनाथ सरकार को हट्टा में कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भेजा जिसके बाद भी कॉलेज ना खुलने पर वर्ष 2019 में कॉलेज खोलो संघर्ष समिति के माध्यम से हट्टा में कॉलेज खोलने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था। जहां लोगों के आक्रोश को देखते हुए कांग्रेसी मंत्री और विधायक की अनुशंसा पर कमलनाथ सरकार ने हट्टा में कॉलेज खोलने की स्वीकृति प्रदान की थी और पीजी महाविद्यालय सहित किरनापुर महाविद्यालय से आसपास के गांव के विद्यार्थियों की संख्या सहित अन्य जानकारियां मंगाई गई थी जिस पर पीजी महाविद्यालय प्रशासन द्वारा कालेज खोलने का प्रस्ताव बनाकर शाशन को भेजा गया था उसी दरमियान एक बार फिर 15 महीनों मे ही सरकार बदल गई और फिर से शिवराज सरकार सत्ता मे आई लेकिन शिवराज सरकार आते ही कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश भर में नवीन महाविद्यालय खोले जाने के इस प्रस्ताव पर भी ग्रहण लग गया। जो अब तक लगा हुआ है। इसी बीच किरनापुर में एक जनसभा को संबोधित करने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आए थे जिन्होंने एक बार फिर से हट्टा में नवीन कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। उस घोषणा को भी लगभग 1 वर्ष पूरा हो गया है। बावजूद इसके भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की यह घोषणा अब तक अधूरी है जिसको लेकर क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

घोषणा करकर भूल गए मुख्यमंत्री?
हट्टा में कॉलेज खुलेगा या नहीं यह अब तक स्पष्ट नहीं है
क्योंकी कमलनाथ सरकार द्वारा लिए गए सभी फैसले शिवराज सरकार द्वारा लगातार पलटे गए हैं। लेकिन वह खुद की घोषणा पूरी नहीं कर पाए इस बात का अफसोस क्षेत्र की जनता को आज भी है। जिस पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए स्थानीय लोगों ने हट्टा में जल्द से जल्द कॉलेज खोलने की मांग की है ।अब सवाल ये उठता है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक नहीं बल्कि दो-दो बार हट्टा में नवीन महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। तो फिर अब तक इस क्षेत्र में कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं हो पाई । सवाल यह भी उठता है कि क्या मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हट्टा में नवीन कॉलेज खोलने की घोषणा करने के बाद कॉलेज को स्वीकृति देना भूल गए हैं । या फिर उनके द्वारा दोनों बार की गई कॉलेज खोलने की यह घोषणा सिर्फ चुनावी स्टंट थी। अब जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का फिर से बालाघाट आगमन हो रहा है ।तो ऐसे में क्षेत्रीय जनता द्वारा सवाल पूछा जाना लाजमी है कि आखिर हट्टा में कॉलेज कब खुलेगा।

हट्टा में कॉलेज खोलने को लेकर 2019 में गया था प्रस्ताव, कमलनाथ से मिली थी स्वीकृति
हट्टा में कॉलेज खोलने की मांग को देखते हुए तत्कालीन मंत्री और विधायक की अनुशंसा पर शासन द्वारा नवीन महाविद्यालय खोले जाने को लेकर 2019 में प्रस्ताव मांगे गए थे । वही इस प्रस्ताव को नवंबर माह में स्वीकृत भी कर लिया गया था ।प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन ने प्रदेश के सभी 51 जिलों में संचालित महाविद्यालयों और नवीन महाविद्यालय खोले जाने को लेकर जानकारियां मांगी थी जिसमें बालाघाट जिले से हट्टा क्षेत्र में महाविद्यालय खोले जाने की अनुशंसा मंत्री व विधायक द्वारा की गई थी जिनके अनुशंसा पर शासन ने पीजी महाविद्यालय को एक पत्र लिखकर हट्टा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विद्यालयो,कक्षा 12 वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या, हट्टा क्षेत्र से जुड़े हाई स्कूलों की संख्या, पीजी महाविद्यालय और किरनापुर महाविद्यालय से क्षेत्र की दूरी और हट्टा क्षेत्र में संचालित विभिन्न हाई सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की जानकारी मंगाई गई थी। जहां किरनापुर महाविद्यालय से प्राप्त तमाम जानकारियां पीजी महाविद्यालय से शासन को भेजी गई थी जिसे शासन द्वारा 2019 के अंत तक स्वीकार कर लिया गया था।वही हट्टा क्षेत्र में नवीन कॉलेज खोले जाने को लेकर स्वीकृति भी मिल गई थी । जिसे देखकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि हट्टा में जल्द ही नवीन महाविद्यालय की स्थापना शासन द्वारा की जाएगी लेकिन कमलनाथ सरकार बदलने और कोरोना संक्रमण के चलते यह सभी प्रस्ताव एक बार फिर से ठंडे बस्ते में डाल दिए गए थे। जो आज तक ठंडे बस्ते में ही पड़े हैं।

कॉलेज खुलता तो 50 गांव के बच्चों को मिलती राहत
हट्टा में नवीन महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति मिलते ही क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर थी और वे 2020 के सत्र में नवीन कॉलेज खुलने की राह देख रहे थे।लेकिन सरकार गिरते ही उनकी आंस टूट गई थी। इसी बीच पुनः सत्ता में आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किरनापुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हट्टा में जल्द ही नवीन कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। जिनकी घोषणा के बाद एक बार फिर क्षेत्रीय लोगों मे उत्साह था। लेकिन उनकी यह घोषणा अब तक महज घोषणा बनकर रह गई है जहां आगामी समय में होने वाले चुनाव तक यह घोषणा पूरी होना भी नामुमकिन सा लग रहा है। आपको बताएं कि हट्टा क्षेत्र में लगभग 50 से अधिक गांव के विद्यार्थी कक्षा 12वीं के बाद बालाघाट महाविद्यालय में आगे की पढ़ाई के लिए आते हैं जहां दाखिला न मिलने पर उन्हें मजबूरन प्राइवेट कॉलेजों का रुख करना पड़ता है यदि हट्टा क्षेत्र में शासन द्वारा सर्व सुविधा युक्त नवीन महाविद्यालय खोल दिया जाता तो निश्चित तौर पर इसका फायदा हट्टा क्षेत्र के लोगों को मिलता और वहां से जुड़े लगभग 50 गांवों के विधार्थियों को पीजी महाविद्यालय, किरनापुर महाविद्यालय या प्राइवेट कॉलेजों के चक्कर काटने नहीं पड़ते।

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