लामता स्टेशन होते हुए चल रही एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज लामता में नहीं दिए जाने तथा पैसेंजर ट्रेन नहीं चलाये जाने से क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है, जिसके विरोध में लामता क्षेत्र की जनता द्वारा रेल यात्री सुविधा एवं क्षेत्रीय विकास समिति लामता के तत्वाधान में लामता बंद का आव्हान किया गया था। जिसका असर रविवार को पूरे लामता नगर में देखने मिला, यहां सुबह से दोपहर 1 बजे तक पूरा लामता चारों खाने बंद रहा।
आपको बताये कि क्षेत्र की जनता ने ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग का खुलकर समर्थन किया और बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर आंदोलन का सहयोग किया। इसके साथ ही क्षेत्र के जागरूक लोगों द्वारा सामने आकर इन मांगों पर आवाज बुलंद की गई। क्षेत्र के जागरूक लोगों द्वारा रेल यात्री सुविधा एवं क्षेत्रीय विकास समिति लामता के तत्वावधान में जनता के साथ गांधी चौक से विशाल रैली निकाली गई जो भ्रमण करते हुए रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां क्षेत्र के लोगों द्वारा अपनी मांगों को रखते हुए शासन प्रशासन तक अपनी मांगों को पहुंचाने का प्रयास किया गया। धरना कार्यक्रम के पश्चात रेल यात्री सुविधा एवं क्षेत्रीय विकास समिति द्वारा लामता स्टेशन अधीक्षक को प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
इस आंदोलन के संबंध में रेल यात्री सुविधा एवं क्षेत्रीय विकास समिति लामता के पदाधिकारियों ने बताया कि रेलवे विभाग को पत्र के माध्यम से लगातार सूचित करते आ रहे हैं। जब से बड़ी लाइन शुरू हुई है तबसे इस क्षेत्र में कोई भी ऐसी गाड़ी नियमित नहीं चलाई गई, गोंदिया नैनपुर ट्रेन भी यहां के यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं है। छोटी लाइन का लामता में महत्वपूर्ण स्टापेज था, सर्वाधिक राजस्व यहां से मिलता था इसके बावजूद भी लामता स्टेशन की अवहेलना करते हुए यहां स्टॉपेज नहीं दिया गया। इससे पूरे क्षेत्र की जनता में घोर असंतोष व्याप्त है हमारी मांग है जो एक्सप्रेस ट्रेने यहां से जा रही है जबलपुर चांदाफोर्ट एक्सप्रेस एवं रीवा इतवारी एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज लामता में दिया जाए तथा तथा ऐसी पैसेंजर ट्रेन सुबह के समय चलाई जाए जिससे क्षेत्र की जनता, छात्र-छात्राओं, मजदूर और व्यापारियों को उसका लाभ मिले। आंदोलन के दौरान लोगों ने बालाघाट के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया, उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण ही लामता क्षेत्र की जनता को परेशान होना पड़ रहा है।








































