उमेश बागरेचा
बालाघाट (पद्मेश न्यूज)। आज कल भाऊ कांग्रेस के नेताओ से काफी गलबहियां करने में लगे हुए हैं। सामने विधान सभा के चुनाव हैं, कांग्रेस-भाजपा नेताओं की राजनैतिक गतिविधियां बढ़ गई है। जिले के सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की घोषणाओं तथा भूमिपूजन में लग गए हैं। भाऊ भी आए दिन कोई न कोई घोषणा, भूमिपूजन, लोकार्पण कार्यक्रम कर ही रहे हैं। इसके बाद भी उनके पास जो समय बच रहा है, उसमे वे पार्टी से हटकर अन्य लोगों से सौजन्य भेंट कर शायद अभी से चुनावी गोटियां बिठाने में लग गए हैं। इन सौजन्य भेंटों में वे कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी भेंट करने और गलबहियां करने से परहेज नहीं कर रहे हैं। पिछले दिनों भोपाल में भाऊ के बंगले में कमलनाथ की उपस्थिति भी काफी चर्चित रही है। जिला पंचायत चुनाव के दौरान भी कांग्रेस प्रत्याशियों से काफी मेल मुलाकाते हुई हैं। उस दौरान कांग्रेस से जिला पंचायत अध्यक्ष पद के एक प्रमुख दावेदार के निवास में पहुंचकर उनसे भेंट कर काफी कुछ चुनावी समीकरण बिठाए गए थे। इसका प्रमाण जिला पंचायत चुनाव के दौरान समितियों के चुनाव में स्पष्ट परिलक्षित हुए थे, जहां अध्यक्ष सम्राट सरस्वार कांग्रेस सदस्यों का बहुमत होते हुए भी मात खा गए और भाजपा के भी कुछ सदस्य समितियों में चुनकर आ गए, यही नहीं बकायदा दो सदस्य सभापति भी निर्वाचित हो गए। कांग्रेस के उक्त जिला पंचायत सदस्य से इस भेंट मुलाकात के कारण राजनैतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कटंगी विधानसभा के लिए भाऊ ने उन्हें कांग्रेस से बागी होने पर भाजपा से प्रत्याशी बनाने का प्रलोभन दे दिया है। उधर दूसरी ओर भाऊ के घोर विरोधी और भाजपा से किनारा कर बैठे पूर्व सांसद कटंगी से भाजपा या कांग्रेस दोनों ही पार्टी में से जो उन्हे प्रत्याशी बनाए, बनने लालायित है। वहीं दूसरी ओर भाऊ किसी भी कीमत में बोधसिंह भगत को भाजपा से प्रत्याशी ना बनने देने के लिए पूरा जोर लगाएंगे ऐसी खबरे राजनीतिक गलियारों में है। जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हाल ही में निवृत हुए पूर्व सांसद विश्वेश्वर भगत भी कटंगी से पुन:कांग्रेस प्रत्याशी होने की आस लगाए बैठे हैं। किंतु भाऊ अब कटंगी विधानसभा के लिए कौन सी गोटी बिठाने की फिराक में हैं, जो उन्होंने आज से चार दिन बाद अर्थात 3 फरवरी को दोपहर 2 बजे विश्वेश्वर भगत से भेंट करने के उद्देश्य से उनके गृह ग्राम घुबडग़ोंडी जाने का प्रोग्राम बना रखा है। भाऊ के हाथ का लिखा एक टूर प्रोग्राम सोशल मीडिया में वायरल हुआ है जिसमे 29 जनवरी से 8 फरवरी तक का उनका जो टूर प्रोग्राम है वह लिखा हुआ है जिसमे जिला कांग्रेस के सबसे प्रमुख नेता विश्वेश्वर भगत से भेंट करने का उल्लेख है। क्या भाऊ बोधासिंह भगत के बारे कुछ गुफ्तगू करेंगे। यहां यह जानना जरूरी है कि बोधसिंह भगत ना केवल भाऊ के घोर विरोधी हैं बल्कि विश्वेश्वर भगत से भी उनकी दूरियां जगजाहिर है, इसलिए सवाल उठता है कि भाऊ, विश्वेश्वर भगत से मिलकर कहीं बोधसिंह भगत के खिलाफ कोई राजनैतिक गोटी बिठाने की फिराक में तो नहीं है? परंतु इस 3 फरवरी की मुलाकात को लेकर विश्वेश्वर भगत ने अनभिज्ञता जाहिर की है उन्होंने भाऊ से इस भेंट मुलाकात के बारे में कोई चर्चा होने से भी इंकार किया है। भगत का कहना है कि वो तो कांग्रेस का हाथ से हाथ जोड़ो की यात्रा में व्यस्त हैं, 3 फरवरी को तो वह घुबडग़ोदी स्थित निज निवास में उपलब्ध ही नहीं रहेंगे, ऐसे में सवाल उठता है कि भाऊ ने अपनी प्रतिद्वंदी पार्टी कांग्रेस के विश्वेश्वर भगत से बिना चर्चा किए उनसे भेंट करने का प्रोग्राम कैसे बना लिया ।










































