चोरी के वाहन का फर्जी रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में जुगल शर्मा सहित सात आरोपी दोषमुक्त

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चोरी के वाहन का फर्जी रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में जुगल किशोर शर्मा, नवीन असाटी ,राजा उर्फ राजकुमार कुकरेजा ,मोहम्मद एजाज गनी उर्फ अज्जू ,पप्पू उर्फ रविंद्र शर्मा, रामदास दक्ष, मोहम्मद इब्राहिम उर्फ शहजादे गनी सभी निवासी बालाघाट को विद्वान अदालत नेउक्त अपराध में निर्दोष पाते हुए दोषमुक्त कर दिए। इन आरोपियों के विरुद्ध धारा 379 411 419 420 467 468 471 120 बी भादवि और धारा 66ग 67घ 74 आईटी एक्ट के तहत आरोप लगाए गए थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 जनवरी 2015 को गर्रा नाका बालाघाट में वाहन चेकिंग के दौरान टाटा एस बगैर रजिस्ट्रेशन की चेकिंग हेतु रोककर उसके चालक से वाहन के नंबर एवं कागजात के बारे में पूछताछ किया गया तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया एवं कोई कागजात नहीं होना बताया ।जिस पर उक्त वाहन के चोरी का होने का संदेह होने पर वाहन की जांच की गई जांच करने पर उक्त वाहन के चेचिस नंबर के अंको में खुरचने ने के सबूत मिले। जिस के संबंध में आरोपी नवीन असाटी के विरुद्ध इस्तगासा1/5धारा 41(1-4),102 दंड प्रक्रिया संहिता धारा 379 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। जांच में आरोपी नवीन छाती से पूछताछ करने पर उसने बताया था कि उक्त वाहन आरोपी को उसके साथी अज्जू गनी, पप्पू शर्मा व शहजादे गनी ने दिया है। एवं बताया उक्त वाहन के चेचिस नंबर में छेड़छाड़ कर उक्त चुराए गए वाहन के आरोपियों द्वारा मिलकर आरटीओ बालाघाट से दस्तावेजों में कूट रचना कर एवं कंप्यूटराइज सिस्टम से इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों में कूट रचना फर्जी रूप से दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्रेशन करवा कर अवैध लाभ अर्जित किया गया है तथा वाहन का अंकण कर सामान्य जनता के लिए उपलब्ध कराए वेबसाइट में असली के रूप में जानबूझकर प्रदर्शित किया गया है। जांच उपरांत उक्त घटना के संबंध में पुलिस थाना कोतवाली बालाघाट में नवीन असाटी ,राजा उर्फ राजकुमार कुकरेजा,मोहम्मद एजाज गनी उर्फ अज्जू गनी, पप्पू उर्फ रविंद्र शर्मा, आरटीओ कार्यालय के लिपिक रामदास दक्ष ,जुगल किशोर शर्मा, मोहम्मद इब्राहिम उर्फ शहजादे के विरुद्ध अपराध दर्ज कर अपराध में सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अभियोग पत्र विद्वान अदालत में पेश किया गया था विद्वान अदालत में इन आरोपियों के विरुद्ध धारा 379 411 419 420 467 468 471 120 बी भादवि धारा 66ग, 66घ 74 आईटी एक्ट के तहत अपराध विरचित किए थे। हाल ही में यह मामला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अमर कुमार शर्मा की अदालत में चला। जहां पर अभियोजन पक्ष इन आरोपियों के विरुद्ध आरोपित अपराध सिद्ध करने में असफल रहा। जिसके परिणाम स्वरूप विद्वान अदालत ने उक्त सभी आरोपी को आरोपित अपराध से दोषमुक्त कर दिए। इस मामले में बचाव पक्ष से अधिवक्ता गुड्डू उर्फ अब्दुल मलिक कुरेशी, अधिवक्ता अनिल मंगलानी, अधिवक्ता अधिवक्ता प्रवेश मलेवार, अधिवक्ता शैलेश पाराशर द्वारा पैरवी की गई थी।

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