वारासिवनी जनपद पंचायत अंर्तगत आने वाली ग्राम पंचायत लिंगमारा में वर्तमान में लगी धान, गेहूॅ, सरसों व चना की फसल को जंगली जानवर चरकर बर्बाद कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली वन्य प्राणी जिसमें जंगली सुअर, चीतल व कोठरी शामिल है। यह ग्राम पहाड़ी से घिरा हुआ है। ऐसे में इनके द्वारा हम लोगों के द्वारा लगाई फसल को बर्बाद किया जा रहा है। जिससे हम किसानों को आर्थिक नुकसान होता है। जिसका मुआवजा भी हम किसानों को नही मिल पाता है। ऐसे में वन्य प्राणियों द्वारा जो फसल का नुकसान किया जा रहा है हम किसानों को उसका मुआवजा मिलना चाहिये यही हमारी मांग है।
खेतों में लगी है चना अलसी व सरसों की फसल – शिवप्रसाद टेंभरे
इस संबंध में किसान शिवप्रसाद टेंभरे ने पद्मेश को बताया कि जंगली सुअर, हिरण, कोठरी हमारी फसल को बर्बाद कर रहे है। हमारे खेतों में चना, अलसी, सरसों व गेहूॅ की फसल लगी है। हमारी फसल को यह जानवर बर्बाद कर देते है जिसका मुआवज भी हमे नही मिलता है। हम इस बात की शिकायत सरपंच से करते है मगर वे भी कुछ नही कर पा रहे है। हम लोगों को काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। शासन प्रशासन को इस समस्या का समाधान निकालना चाहिये।
वन्य प्राणियों ने कर दी फसल बर्बाद – शंकरलाल डहाके
वही किसान शंकरलाल डहाके ने बताया कि वे लिंगमारा के निवासी है। वर्तमान समय में उनके खेत में अलसी, चना व सरसों लगी है मगर उस फसल को जंगली जानवर बर्बाद कर रहे है। हमने पंचायत को इस संबंध में अवगत कराया है। मगर हम किसानों की कोई सुनवाई नही हो रही है। यह पहाड़ी क्षेत्र है स्वभाविक सी बात रहेगी की इस इलाके में जंगली वन्य प्राणी भोजन करने के उद्ेश्य से खेतो की फसल खायेंगे। जिस पर ध्यान देना जरूरी है ताकि हम किसानो को आर्थिक नुकसान न हो।
हमारे द्वारा दी गई है वन विभाग व कलेक्टर को सूचना – महेन्द्र खोब्रागड़े
इस संबंध में ग्राम सरपंच महेन्द्र खोब्रागड़े से जब पद्मेश ने चर्चा की तो उन्होने बताया कि हमारे लिंगमारा ग्राम पंचायत में बहुतायात में वन्य प्राणी है। जिसमें जंगली सूअर, कोठरी सहित अन्य प्राणी है। वे किसान की फसल को चरकर चौपट कर रहे है। हमारे द्वारा इसकी सूचना वन विभाग व जिलाधीश को दी गई है। मगर कोई कार्यवाही नही हो रही है। हम चाहते है कि किसानों की चौपट हो रही फसल का सर्वे कर उन्हे मुआवज मिले।










































