पश्चिमी मध्यप्रदेश में सक्रिय मानसून अगले 24 से 48 घंटे के बीच जिले में भी सक्रिय हो जाएगा, क्योंकि झारखंड के साथ दक्षिणी मध्यप्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। अगले चार से पांच दिन तक बेहतर बारिश की संभावना व्यक्त की जा रही है।
उधर आसमान में मंडरा रहे काले बादलों के गायब होने के बाद पिछले दो दिनों से तपन अपना असर दिखा रही है। उमस ने भी लोगों को परेशान कर दिया है। मौसम में आये बदलाव के बाद तपन और उमस ने एक बार फिर परेशान करना शुरू कर दिया है। तापमान भी 36 के करीब पहुंच गया है। न्यूनतम पारा 24 दर्ज हो रहा है। इसी वजह से दिन के साथ रात में भी उमस बढ़ गई है।
हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि कि दक्षिणी मध्यप्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है। इसके अलावा एक सिस्टम झारखंड में भी बन गया है। दोनों सिस्टम के कारण अगले 24 से 48 के बीच जिले में भी मानसून सक्रिय हो जाएगा और जिस तरह अभी पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश हो रही है उसी तरह संभाग में झमाझम बारिश के आसार बन गए हैं। मौसम विभाग 14 से 18 जून तक संभाग में बेहतर बारिश होने की संभावना व्यक्त कर रहा है। इस बीच 40 किलोमीटर प्रतिघंटे से भी अधिक रफ्तार से हवाएं भी चलने की उम्मीद है। हालांकि सोमवार को उत्तर-पश्चिम की ओर से आने वाली हवाओं की रफ्तार सात से आठ किलोमीटर ही रही।
सूर्यास्त – 6:57
तापमान
अधिकतम – 35.8
न्यूनतम – 24.0
हवाएं – उत्तर – पश्चिमी 7 से 8 किलोमीटर
संभावना – संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ तेज बौछार पड़ने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।









































