जानिए क्या है गजवा-ए-हिंद, आखिर CM योगी क्यों कर रहे बार-बार इसका जिक्र

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उत्तर प्रदेश में धार्मिक कट्टरपंथियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि ऐसे लोगों को गजवा-ए-हिंद का सपना कभी पूरा नहीं होने दिया जाएगा। CM योगी ने कहा कि सरकार संविधान के अनुसार काम करेगी, देश का संविधान शरीयत के कानून के अनुसार नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले भी कई बार गजवा-ए-हिंद शब्द का प्रयोग कर चुके हैं। आइए जानते हैं क्या है गजवा-ए-हिंद और क्यों यह शब्द इन दिनों चर्चा में है और आखिर कितना पुराना है इसका इतिहास –

इस्लाम में गजवा-ए-हिंद का मतलब

इस्लाम में गजवा-ए-हिंद का अर्थ सामान्य तौर पर पहले काफ़िरों को जीतने के लिए किए गए युद्ध के लिए किया जाता था। युद्ध को गजवा भी कहा जाता है। काफिरों के खिलाफ जीते गए युद्ध में विजयी को गाज़ी” कहा जाता है। जब इस्लाम को भारत वर्ष में फैलाने को कोशिश की गई थी, तब इसके लिए गजवा-ए-हिंद शब्द का प्रयोग किया गया था।

मुस्लिम धर्म सिद्धांतों में दुनिया के दो हिस्से

मुस्लिम धर्म के सिद्धांतों के अनुसार दुनिया दो भागों में विभाजित है। पहला हिस्सा दारुल इस्लाम कहा जाता है, वह देश जहां मुस्लिम रहते हैं और मुस्लिमों का ही शासन है। जबकि भाग दूसरा दारुल हर्ब कहा जाता है, जहां मुस्लिम रहते हैं, लेकिन शासन गैर-मुस्लिम करते हैं। इस्लामी सिद्धांत के मुताबिक भारत भूमि मुस्लिमों की हो सकती है लेकिन हिंदुओं और मुस्लिमों, दोनों की नहीं हो सकती।

भारत में इस्लामी शासन की साजिश

इस्लामी सिद्धांतों की मान्यता है कि भारत को ‘दारुल इस्लाम’ बनाने के लिए भारत के मुस्लिमों का ‘जिहाद’ की घोषणा करना न्यायसंगत है। ऐसे में इसका मतलब यह है कि भारत को दारुल हर्ब बनाने के लिए ही ‘गज़वा-ए-हिन्द’ करना होगा। गजवा-ए-हिन्द का मतलब है काफिरों को जीतने के लिए किये जाने वाले युद्ध को “गजवा” कहते हैं और जो इस युद्ध में विजयी रहता है उसे “गाजी” कहते हैं।

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