जिला बस आपरेटर एसोसिएशन के आव्हान पर रजेगांव में घटित घटना पर एफआआई दर्ज करने एवं असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर १६ सितंबर को बसों का संचालन बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की गई। इस अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर लालबर्रा में भी दिखाई दिया। साथ ही बसों के पहिये थमे रहे। वहीं जिला बस आपरेटर एसोसिएशन की हड़ताल के चलते यात्रीगण लालबर्रा बस स्टैण्ड में अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों बस का इंतजार करते रहे परन्तु हड़ताल के कारण बसे नही चलने से उन्हे बस नही मिल पाई और वे बस स्टैंड में इधर-उधर घूम कर परेशान होते नजर आये। वहीं दूसरी ओर बस एसोएिशन के हड़ताल का फायदा उठाते हुए ऑटो चालकों के द्वारा सवारी से अधिक राशि वसूल कर उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया जिससे यात्रीगणों को कुछ परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। आपकों बता दे कि जिले में बस के संचालन को लेकर जिला बस आपरेटर एसोसिएशन और ऑल इंडिया बस सर्विस एसोसिएशन के बीच विगत कुछ दिनों से विवाद की स्थिति बनी हुई है जो थमने का नाम ही नहीं ले रही है और दोनों ही संगठन एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। बस ऑपरेटरों को प्रशासन के द्वारा भी समझाइश दी गई लेकिन उसका भी कोई असर उन पर दिखाई नहीं दिया और जिला बस आपरेटर एसोसिएशन के द्वारा १५ सितंबर से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी गई थी। जिसके बाद से बसों के पहिये थम गये एवं १६ सितंबर को लालबर्रा सहित जिले में बसों का संचालन बंद (बस नही) चलने से यात्रीगणों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं कुछ लोग जिनके पास वाहन के साधन थे वे अपने वाहनों से आवागमन कर लिये लेकिन जो लोग बसों पर आश्रित है, यह जिन्हें बस से ही दूरी अधिक वाले स्थान पर पहुंचना है उन्हें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस हड़ताल का लालबर्रा मुख्यालय स्थित बस स्टैंड में भी दिखाई दिया जहां हड़ताल के चलते पूरी बसें खड़ी रही एवं बसों के पहिये थामे रहे। साथ ही राहगीर बस चलने का इंतजार करते नजर आये परन्तु बस नही चली जिससे सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ा।









































