जिला मुख्यालय सहित तहसील व अन्य ग्रामीण अंचलों में मुस्लिम समुदाय द्वारा मोहर्रम पर्व अकीदत के साथ मनाया गया। मोहर्रम पर्व पर नगर की जामा मस्जिद शहीद जिले भर की तमाम मस्जिदों में यौमे आशूरा की नफील नमाज़ पढ़ाई गई ।वही सामूहिक रूप से यौमे आशुरा की दुआयें की गई। मोहर्रम पर्व पर मस्जिदों में विशेष बयान भी हुए।वही जहां कर्बला हुई में शहादत का पैगाम दिया गया। आपको पता है कि आज ही के दिन इस्लाम धर्म की रक्षा के लिए पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे सहित 72 सहाबियों ने भूखे प्यासे रहकर युध्द किया था वही अपने प्राणों की कुर्बानी दी थी और धर्म की रक्षा के लिए शहीद हुए थे ।आज ही के दिन से इस्लाम धर्म के नव वर्ष की शुरुआत होती है ।जहां मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा यौमे आशूरा पर शहीदाने करला को याद किया जाता है और हर साल में आशूरा के दिन शहीदाने कर्बला की याद में घर-घर खिचड़ी और शरबत में फातिहा देकर जगह जगह खिचड़ा शरबत तक्सीम किया जाता है ।हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नगर में यहां नजारा जगह जगह देखने को मिला।
जबकि कौमी एकता की मिसाल हक्कूशाह बाबा दरबार में उर्स के मौके पर संदल निकाला गया। इसके अलावा मन्नती ताजिये भी आमजनों के दीदार के लिये रखे गये।
कौमी एकता की मिसाल शहर के कुतुब हजरत अलहाज सैय्याद अब्दुल हकीम उर्फ हक्कू शाह बाबा चिश्ती रहमतुल्ला अलैह का सालाना उर्स, प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी पूरी अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। नगर के मेन रोड स्थित हजरत हक्कू शाह बाबा दरगाह में आयोजित 219 वें सालाना उर्स मुबारक पर 29 जुलाई को दोपहर दरबार शरीफ से शाही संदल निकाला गया। उर्स मुबारक पर आस्ताना ए औलिया से निकाला गया यह संदल नगर के काली पुतली चौक, रानी अवंती बाई चौक, बैहर मार्ग स्थित रजा चौक, चांदनी चौक होते हुए बैहर चौकी पहुंचा, जहां से यह संदल देवी तालाब घाट रोड से मेन रोड और मेन रोड से वापस दरगाह शरीफ पहुंचा। जहां सलातो सलाम का नजराना पेश कर शाही संदल का समापन किया गया।
उर्स मुबारक पर निकाले गए इस शाही संदल में वार्ड नं 10 इमामबाड़े से अलम, संदल और अखाड़ा के साथ भरवेली एवं शहर के अन्य जगह से आये संदल भी शाही संदल में शामिल होकर शहर का गश्त करते हुए दरबार पहुंचे। उर्स मुबारक के अवसर पर निकाले गये शाही संदल का जगह-जगह मुस्लिम बंधुओं द्वारा स्वागत किया गया। जहां शाही संदल के समापन के बाद बाबा के चाहने वालों ने आस्तानाा ए औलिया में अकीदत के फूल और चादर पेश कर अमन,चैन, शांति आपसी भाईचारे और देश की अखंडता की दुआयें मांगी।
उर्स के अवसर पर आज 30 जुलाई की शाम को फूलों का नजराना पेश कर दरगाह शरीफ में चादर चढ़ाई जाएगी। वही लंगर-ए- आम का आयोजन होगा। जबकि 31 जुलाई को कुल शरीफ की फातिहा, रंग महफिल कार्यक्रम और ईशा की नमाज के बाद उर्स-ए-मुबारक पर अजीमो शान कव्वाली का आयोजन होगा। जिसमें मशहूर कव्वाल सलीम झनकार बाबा की शान में कव्वाली के नजराने पेश करेंगे। जिसके बाद देश में अमन चैन शांति और अमनो अमान की सामूहिक दुवाओ के साथ उर्स मुबारक का समापन किया जाएगा।










































