जिला कंट्रोल रूम में 16 मई को पुलिस अधीक्षक बालाघाट समीर सौरभ के द्वारा प्रेसवार्ता लेकर एक बड़े मोटरसाइकिल चोर गिरोह का खुलासा करते हुए डकैती डालने की योजना बनाते हुए कुछ बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास से 34 मोटरसाइकिल एक देसी कट्टा दो जिंदा कारतूस सहित अन्य औजार जप्त किए जाने की बात कहीं गई। जिसमें वारासिवनी पुलिस के द्वारा भादवि एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया है। जिसमें पुलिस के द्वारा विवेचना की जा रही है। वही गिरफ्तार 12 आरोपियों को वारासिवनी न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया।
यह है मामला
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 मई 2023 की रात्रि मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में कुछ लोग बैठकर पेट्रोल पंप में डकैती डालने की योजना बना रहे हैं। जिस पर थाना वारासिवनी पुलिस ने दबिश देकर घटनास्थल से चार संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जिसमें से एक संदिग्ध व्यक्ति मौके से फरार हो गया। जिसमें गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस के द्वारा पूछताछ कर उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से एक देशी कट्टा दो जिंदा कारतूस लोहे का एक धारदार चाकू लोहे की रॉड मिले और बदमाशों द्वारा घटना में प्रयुक्त चार मोटरसाइकिल भी जप्त की गई है। उनके विरुद्ध अपराध क्रमांक 195/23 भारतीय दंड संहिता की धारा 399, 402 आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया।
आरोपी अतुल बिसेन ने किया खुलासा
पुलिस के द्वारा अपनी अभिरक्षा में लिए गए आरोपियों की मोटरसाइकिल के कागजात नहीं होने पर सख्ती से पूछताछ की गई जिस पर परसवाड़ा थाना नवेगांव निवासी अतुल बिसेन ने बताया कि वह अपने साथी आरोपी राजू मेश्राम निवासी साकोली महाराष्ट्र के साथ मिलकर नागपुर में नागपुर के आसपास के शहरों से मोटरसाइकिल को चोरी करते थे। उस मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट बदलकर बालाघाट जिले की फर्जी रजिस्ट्रेशन वाली नंबर प्लेट लगाकर इंजन का चेचिस नंबर को मिटाकर बालाघाट में ग्रामीण क्षेत्रों में अपने विभिन्न साथियों के साथ मिलकर बेच देते थे। जो एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे जिसमें आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की मोटरसाइकिल खरीदने वालों से अलग-अलग कुल 34 नग मोटरसाइकिल जप्त की गई।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
इस प्रकरण में डकैती एवं चोरी में संलिप्त आरोपी परसवाड़ा थाना नवेगांव निवासी 23 वर्षीय अतुल बिसेन, गोपीटोला नेवरगांव थाना वारासिवनी निवासी 26 वर्षीय तोहिर पिता मदनलाल बिसेन, गोपीटोला नेवरगांव थाना वारासिवनी निवासी 20 वर्षीय पंकज पिता योगराज हनवत, महँदीवाड़ा वार्ड नंबर 17 थाना वारासिवनी निवासी 33 वर्षीय गजानंद पिता धुरनलाल बिसेन, बालाघाट निवासी 20 वर्षीय विवेक कनोजे, नेवरगांव थाना वारासिवनी निवासी 32 वर्षीय डोमेश उर्फ रिंकू पिता नेतलाल चौधरी एवं प्रकरण में चोरी की मोटरसाइकिल खरीदने वाले कोसते थाना वारासिवनी निवासी 24 वर्षीय अनिल कुमार पिता मनोज राणा, तुमाड़ी थाना वारासिवनी निवासी 29 वर्षीय गोल्डी पिता बंसी पटले, नेवरगांव थाना वारासिवनी निवासी 24 वर्षीय रोहित पिता मिश्रीलाल पटले, महँदीवाड़ा थाना वारासिवनी निवासी 32 वर्षीय दुर्गा प्रसाद पिता मानक पंचेश्वर, महँदीवाड़ा थाना वारासिवनी निवासी 35 वर्षीय नरेंद्र पिता नंदलाल गढ़पाल, महँदीवाड़ा थाना वारासिवनी निवासी 35 वर्षीय सेवन पिता रामराज पंचेश्वर को गिरफ्तार किया गया। वहीं शिवाजी वार्ड शारदा चौक साकोली जिला भंडारा महाराष्ट्र निवासी 40 वर्षीय राजू पिता केवलराम मेश्राम फरार है जिसकी पुलिस के द्वारा पतासाजी की जा रही है। इस मामले में पुलिस के द्वारा गिरफ्तार 12 आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से न्यायालय ने सभी को जेल भेज दिया हैं।
बीते दिनों थानेगांव से भी मोटरसाइकिल की गई थी जप्त
यहां यह बताना लाजमी है कि वारासिवनी पुलिस ने 16 अप्रैल को मुख्यालय से सटे ग्राम थानेगांव थाना रामपायली से चोरी की मोटरसाइकिल प्राप्त हुई थी। जिसमें 21 अप्रैल को पुलिस के द्वारा कुछ आरोपियों को मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था। जिसमें आरोपी नागपुर महाराष्ट्र में काम करते थे और उसके ठीक है एक महीने बाद 16 मई को पुलिस के द्वारा डकैती का षड्यंत्र रचते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ करने पर कुल 12 आरोपियों के पास से 34 मोटरसाइकिल जप्त करने की बात कही जा रही है।
मामले में गंभीरता से की जा रही कार्यवाही – समीर सौरभ
पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने बताया कि 34 मोटरसाइकिल के साथ 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें छह आरोपियों एवं 6 मोटरसाइकिल खरीददारों को आरोपी बनाया गया है। इसमें राजू मेश्राम साकोली जिला भंडारा महाराष्ट्र निवासी मुख्य आरोपी है जिसके द्वारा मोटरसाइकिल की चोरी कर उक्त आरोपियों को दी जाती थी जो सस्ते दामों में चोरी की मोटरसाइकिल बेचा करते थे। श्री सौरभ ने बताया कि इस चोरी का खुलासा तब हुआ जब मुखबिर सूचना मिली कि कुछ लोग डकैती की योजना बना रहे हैं। जिस पर उन्हें गिरफ्तार कर उनकी मोटरसाइकिल के कागजात देखे गए तो वह नहीं होने पर उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने चोरी की होने का कबूल किया। जिसके बाद उक्त मामले में गंभीरता से जांच की गई है जिसमें 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें 6 आरोपी मोटरसाइकिल खरीदार है इन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है इनके रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी राजू मेश्राम फरार है जिसकी पतासाजी की जा रही है।










































