ढूटी वीयर वैनगंगा बड़ी नहर का पानी खैरलांजी तक नहर के माध्यम से जाता है जिससे किसान अपनी फसलों की सिंचाई करते है और यह नहर पूर्व में मिट्टी की बनी हुई थी जिसके कारण टेल क्षेत्र में पानी नही पहुंच पाता था जिससे किसानों की फसल प्रभावित हो जाती थी, किसानों के खेत का पानी पहुंचाने के लिए ७-८ वर्ष पूर्व ढूटी वीयर से लेकर खैरलांजी तक जल संसाधन विभाग के द्वारा करोड़ों रूपयों की लागत से वैनगंगा बड़ी नहर का सीमेंटीकरण कार्य किया गया था जिससे मिट्टी का कटाव रूक सके एवं पानी का बहाव तेज हो सके परन्तु सीमेट्रीकरण का कार्य गुणवत्ताहीन होने के कारण नहर में जगह-जगह दरारे आने लगी है एवं कुछ स्थानों से क्षतिग्रस्त भी हो चुकी है एवं बारिश के दिनों में नहरों में पानी छोडऩे पर तेज बहाव के कारण नहर की पार फुट सकती है जिससे लाखों लीटर पानी व्यर्थ में बहने के साथ ही खेतों में लगी फसल खराब हो सकती है। आपको बता दें कि वैनगंगा नदी के ढूटी वीयर में अंग्रेजों के जमाने में स्टाप डैम कर निर्माण किया गया था ताकि वैनगंगा नदी का पानी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सके जिसके बाद मिट्टी से ढूटी वीयर वैनगंगा बड़ी नहर का निर्माण किया गया और नहर के माध्यम से खैरलांजी तक पानी पहुंचता है । जिससे किसानों को उनकी खेती के लिए पानी उपलब्ध होता है और फसल में सिंचाई के लिए पानी मिल जाने से किसान फसल का उत्पादन अधिक ले लेते है परन्तु मिट्टी की नहर होने के कारण टेल क्षेत्र तक पानी नही पहुंच पता था जिससे किसानों की फसल खराब हो जाती थी। टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने के लिए ७-८ वर्ष पूर्व जल संसाधन विभाग के द्वारा ढूटी वीयर से लेकर खैरलांजी तक वैनगंगा बड़ी नहर का सीमेंट्रीकरण किया गया था परन्तु कुछ वर्ष बाद ही इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खुलने लगी है एवं नहर का सीमेन्ट जगह-जगह से उखडऩे के साथ ही कुछ स्थानों से मिट्टी का कटाव भी होने लगा है एवं नहर के नीचे परत में जमा कुड़ा-करकट की साफ-सफाई भी नही की जा रही है जिसके कारण अगर अचानक मवेशी एवं किसान नीचे नहर में गिर जाते है तो बाहर नही निकल सकते जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा घटित हो सकता है। किसानों ने ढूटी वीयर वैनगंगा बड़ी नहर के क्षतिग्रस्त स्थानों का मरम्मत कार्य एवं साफ-सफाई करवाये जाने की मांग शासन-प्रशासन से की है।
जल संसाधन विभाग के एसडीओं दिलीप परते से ढूटी वीयर वैनगंगा बड़ी नहर जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुके है एवं कूड़ा-करकट की साफ-सफाई किये जाने के संबंध में चर्चा करने का प्रयास किया गया परन्तु संपर्क नही हो पाया।







































