दरभंगा पार्सल ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसी NIA ने हैदराबाद से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इनसे पूछताछ में पता चला है कि आतंकी सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस को बीच में ही उड़ा देना चाहते थे। इसके लिएलोकल केमिकल का इस्तेमाल करके खरतनाक बम बनाया गया था। हालांकि, आतंकियों की यह शाजिस सफल नहीं हो पाई। NIA अब दोनों भाइयों को ट्रांजिट रिमाड पर लेने की तैयारी कर रही है।
17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सिकंदराबाद से आए पार्सल में धमाका हुआ था। इस धमाके को जांच एजेंसियां किसी बड़ी साजिश का हिस्सा मान रही थी। जिस पार्सल में धमाका हुआ था, उसमें कपड़े के बंडल रखे हुए थे।
हैदराबाद के नामपल्ली के हैं दोनों आरोपी
ब्लास्ट की घटना के बाद यूपी, बिहार और तेलंगाना की एटीएस इस मामले की जांच कर रही थी। बाद में एनआईए को यह मामला सौंप दिया गया। एनआईए ने अपनी कार्रवाई के बाद प्रेस रिलीज जारी कर 2 लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। इनके नाम इमरान मलिक उर्फ इमरान खान और मोहम्मद नसीर खान उर्फ नसीर मलिक हैं। दोनों आरोपी हैदराबाद के नामपल्ली के रहनेवाले हैं।
Publish Date: | Thu, 01 Jul 2021 02:54 PM (IST)

दरभंगा पार्सल ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसी NIA ने हैदराबाद से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इनसे पूछताछ में पता चला है कि आतंकी सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस को बीच में ही उड़ा देना चाहते थे। इसके लिएलोकल केमिकल का इस्तेमाल करके खरतनाक बम बनाया गया था। हालांकि, आतंकियों की यह शाजिस सफल नहीं हो पाई। NIA अब दोनों भाइयों को ट्रांजिट रिमाड पर लेने की तैयारी कर रही है।https://imasdk.googleapis.com/js/core/bridge3.469.0_en.html#goog_1374681794https://imasdk.googleapis.com/js/core/bridge3.469.0_en.html#goog_1350223171https://imasdk.googleapis.com/js/core/bridge3.469.0_en.html#goog_335714455https://imasdk.googleapis.com/js/core/bridge3.469.0_en.html#goog_45977895https://imasdk.googleapis.com/js/core/bridge3.469.0_en.html#goog_1644451477Ads by Jagran.TV
17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सिकंदराबाद से आए पार्सल में धमाका हुआ था। इस धमाके को जांच एजेंसियां किसी बड़ी साजिश का हिस्सा मान रही थी। जिस पार्सल में धमाका हुआ था, उसमें कपड़े के बंडल रखे हुए थे।
हैदराबाद के नामपल्ली के हैं दोनों आरोपी
ब्लास्ट की घटना के बाद यूपी, बिहार और तेलंगाना की एटीएस इस मामले की जांच कर रही थी। बाद में एनआईए को यह मामला सौंप दिया गया। एनआईए ने अपनी कार्रवाई के बाद प्रेस रिलीज जारी कर 2 लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। इनके नाम इमरान मलिक उर्फ इमरान खान और मोहम्मद नसीर खान उर्फ नसीर मलिक हैं। दोनों आरोपी हैदराबाद के नामपल्ली के रहनेवाले हैं।
ISI ने की थी फंडिंग
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस हमले के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने करोड़ों की फंडिंग की थी। वहीं आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के इशारे पर ब्लास्ट किया गया था। हालांकि अभी तक इस जानकारी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। सूत्रों के अनुसार इकबाल काना ने इस हमले की पूरी साजिश रची थी। यह दहशतगर्द पाकिस्तान में रहता है। साजिश को अंजाम देने का जिम्मा सलीम को ऊपर था। सलीम ने जिन दो भाइयों को हमले के लिए चुना था वो दोनों पकड़े जा चुके हैं। इससे पहले ये दोनों सिमी में भी शामिल थे।
अलर्ट मोड में NIA
इस मामले में एनआईए बड़ी करवाई करने की तैयारी में है। अन्य आतंकिओं की गिरफ्तारी के लिए एनआईए और एटीएस हैदराबाद अलग-अलग जगहों पर लगातार छापोमारी कर रही हैं। कैराना में लेडीज सूट के कई कारोबारी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। कई संदिग्धों के बैंक अकाउंट भी चेक कि एझा रहे हैं। सिकंदराबाद जंक्शन के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है।
पाकिस्तान में मिली केमिकल बम बनाने की ट्रेनिंग
एनआईए के अनुसार पकड़े गए दोनों आतंकी देश के अलग-अलग हिस्सों में दहशतगर्दी फैलाना चाहते थे। दोनों लगातार पाकिस्तान के आतंकी संगठन लैश्कर-ए-तैयबा के संपर्क में थे। मोहम्मद नसीर खान 2012 में पाकिस्तान गया था। वहां उसने केमिकल से बम बनाने की ट्रेनिंग ली थी। गिरफ्तार आतंकियों को पटना के एनआईए कोर्ट में पेश किया जाएगा।









































