आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया” बरसों पुरानी इस कहावत का मतलब आप भली-भांति जानते ही होंगे बरसों पुरानी यह कहावत नगर पालिका की वर्तमान स्थिति पर एकदम सटीक बैठ रही है।
जहां जरूरत से ज्यादा नियम विरुद्ध कर्मचारियों की भर्ती तो कर ली गई है लेकिन अब उन कर्मचारियों को वेतन, मानदेय देने में प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
वही आमदनी कम और खर्चा रुपैया होने के चलते अब शासन की स्थिति भी डगमगा गई है। जिसके चलते नगरीय प्रशासन एवं विकास जबलपुर ने,संभाग के अंतर्गत आने वाली आने वाली समस्त नगर पालिका और नगर परिषद को पत्र जारी कर नगरपालिका में काम करने वाले कर्मचारियों का हिसाब मांगा है ।जिसमें खासतौर पर दैनिक वेतन भोगी और श्रमिकों की नियुक्ति के संदर्भ में जानकारी मंगाई गई है।
सूत्र बताते हैं कि जल्द ही नगरी प्रशासन द्वारा अतिरिक्त कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी जिसके संकेत मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया द्वारा भी दिए गए हैं।
स्वीकृत पद 542, भर्ती कर लिए 856 से अधिक कर्मचारी
आपको बताए कि नगरपालिका बालाघाट में 542 पद स्वीकृत है जिसकी तुलना में नगर पालिका में 856 कर्मचारियों की भर्ती की गई है। इसके अलावा ऐसे कई कर्मचारी रखे गए हैं जिनका कोई लेखा-जोखा भी नहीं है। इन आंकड़ों पर गौर किया जाए तो नगरपालिका में लगभग दुगने कर्मचारी काम कर रहे हैं जिनकी छटनी जल्द ही की जा सकती है।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया ने बताया कि नगर पालिका में लगभग 600 कर्मचारी होनी चाहिए जिनकी तुलना में 856 कर्मचारी हैं जितने भी एक्स्ट्रा कर्मचारी हैं उनकी सूचना हमने शासन को दे दी है। अधिक कर्मचारी होने के चलते वेतन देने में परेशानी हो रही है।वहीं वित्तीय स्थिति बिगड़ रही है।हम इस बात का पता लगा रहे हैं कि कितने कर्मचारी अनउपयोगी हैं और वे खाली पीली बैठे रहते हैं। उन कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी










































