नवविवाहिता की मौत मामले में पति, सास-ससुर गिरफ्तारग्रामीण थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 24 घंटे में तीनों आरोपी हिरासत में,

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ग्रामीण थाना क्षेत्र में 10 अप्रैल को हुई नवविवाहिता की संदिग्ध मृत्यु के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर मृतका के पति तथा सास-ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए नगर पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी ने स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला संदिग्ध परिस्थितियों का प्रतीत हो रहा है, जिसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। मृतका के मायके पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पति और सास-ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकरण में हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

10 अप्रैल को नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे प्रकरण की जानकारी स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी ने विस्तार से दी। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तहसीलदार मंजुला महोबिया जिला अस्पताल पहुंचीं थी , जहां विधिवत पंचनामा कार्रवाई की गई और डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों एवं एफएसएल टीम ने नवेगांव स्थित घटनास्थल, यानी ससुराल, का बारीकी से निरीक्षण किया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक ही दिन में मामले की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जांच के दौरान मृतिका प्रशांति के परिजनों के बयान लिए गए, जिसमें यह सामने आया कि वर्ष 2023 में उसका विवाह नवेगांव निवासी ललित राणा से हुआ था। विवाह के समय पर्याप्त दहेज दिया गया था, इसके बावजूद पति ललित राणा, सास सुशीला राणा और ससुर सहसराम राणा द्वारा लगातार अतिरिक्त पैसों की मांग की जाती रही। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। कई बार पैसे देने के बावजूद उससे चार पहिया वाहन खरीदने के लिए अतिरिक्त रकम लाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह लंबे समय से परेशान थी। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि मृतिका की मौत दहेज प्रताड़ना और क्रूरता का परिणाम है। इसी आधार पर थाना नवेगांव में आरोपी पति ललित राणा, सास सुशीला राणा और ससुर सहसराम राणा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85, 3(5) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है ।

सफाई को लेकर हुआ था विवाद

प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि प्रारंभिक जांच में घटना के दिन सुबह घर में साफ-सफाई को लेकर सास और मृतिका के बीच विवाद हुआ था। यह विवाद धीरे-धीरे बढ़कर गंभीर स्थिति में बदल गया। आरोप है कि सास द्वारा लगातार ताने दिए गए, जिसके बाद घटना घटित हुई। उस समय पति ललित और ससुर सहसराम घर के प्रथम तल पर अपनी दुकान में थे। बाद में मृतिका को अस्पताल लाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

छोटी बच्ची फिलहाल बुआ की देखरेख में
पुलिस के अनुसार, मृतिका की एक छोटी बच्ची है, जिसे फिलहाल ललित राणा की बहन के पास रखा गया है और वही उसकी देखरेख कर रही है।

दहेज प्रताड़ना मामलों में अब होंगी सख्ती

नगर पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी ने कहा कि इस मामले में फिलहाल पति और उसके माता-पिता को ही आरोपी बनाया गया है, लेकिन जांच के दौरान यदि अन्य किसी की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब दहेज प्रताड़ना और महिला हिंसा से जुड़े मामलों को पुलिस प्राथमिकता से ले रही है और ऐसे मामलों में त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

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