जिले के सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल में जहां एक ओर चिकित्सकों की कमी है तो वहीं दूसरी ओर लगभग 500 बिस्तर वाला यह जिला अस्पताल वार्ड बाय की भी कमी से जूझ रहा है।
बात अगर नियम की करें तो नियम के मुताबिक 1 वार्ड में करीब 6 वार्डबाय होने चाहिए,जहाँ 8 घंटे ड्यूटी की शिफ्ट में प्रत्येक वार्ड में 2 वार्ड बॉय हर समय मौजूद होने चाहिए।
जिला अस्पताल में वार्ड बॉय की कमी कुछ इस कदर है कि करीब 500 बिस्तर वाले इस जिला अस्पताल में महज 9 वार्ड बॉय रेगुलर तौर पर पदस्थ है वही 12 से 14 वार्ड बॉय को आउट सोर्स से भर्ती किया गया है जो कि काफी कम है।
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आवश्यकता के अनुरूप वार्डबॉय नहीं होने के चलते जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।जहां हालात यह है कि मरीज के परिजनों को स्वयं ही स्ट्रेचर खींचने को मजबूर होना पड़ रहा है वहीं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा केवल एक ही जवाब दिया जा रहा है कि कर्मचारियों की कमी होने की वजह से यह सब समस्या आ रही है ।










































