परीक्षा पास करके ही पाई है नौकरी, अब इस उम्र में पुनः परीक्षा क्यों?

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पदमेश न्यूज़, बालाघाट।अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 के नियमों का हवाला देते हुए, कुछ माह पूर्व न्यायालय द्वारा शिक्षा विभाग के अध्यापक शिक्षक वर्ग के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए है।न्यायालय से जारी इस निर्देश के बाद से ही जिले में शिक्षक वर्ग में असंतोष का माहौल बना हुआ है। न्यायालय के आदेश में पात्रता परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को सेवा से हटाए जाने की संभावना जताई गई थी, जिससे शिक्षकों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई है। इसके विरोध अध्यापक शिक्षक वर्ग द्वारा चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया गया है ,इसके पहले चरण में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर शिक्षकों ने 8 अप्रैल को सड़कों पर उतरकर कलेक्ट का घेराव कर ज्ञापन सौपा तो वही आंदोलन के दूसरे चरण में शनिवार 11 अप्रैल को नगर के मोती गार्डन में एक बैठक का आयोजन कर आगामी रणनीति बनाई है। जिसमें उन्होंने आगामी 18 अप्रैल को प्रदेश के समस्त अध्यापक शिक्षक वर्ग के साथ भोपाल पहुंचकर पात्रता परीक्षा के विरोध में आक्रोश स्वरूप आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है।

हमारे पढ़ाए हुए लोग बन गए अधिकारी अब योग्यता साबित करने ली जा रही परीक्षा
न्यायालय द्वारा जारी आदेश पर अपनी नाराजगी जताते हुए अध्यापकों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने परीक्षा देकर ही नौकरी पाई है, नौकरी करते-करते 25 से 26 वर्ष से बीत चुके हैं, उनके पढ़ाए हुई कई विद्यार्थी बड़े-बड़े पदों पर नौकरी कर रहे हैं, तो कई विद्यार्थी अपना खुद का व्यवसाय कर रहे हैं,शिक्षको की उम्र अब 55-56 वर्ष हो चुकी है,ऐसे में अब शिक्षकों से पात्रता परीक्षा देने कहा जा रहा है।यहां हमारे साथ अमानवीय व्यवहार है,ऐसी कोई भी परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए। हमारी सरकार से मांग है, की सरकार न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कर पात्रता परीक्षा को रद्द किए जाने की मांग करें। जहां उन्होंने मांग पूरी न होने पर आंदोलन के तीसरे चरण में भोपाल पहुंचकर बड़ा आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है।

अन्य राज्यो की तरह सरकार सरकार भी न्यायालय में लगाए पुनर्विचार याचिका
शिक्षक संगठनों का कहना है कि अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश सरकार को इस मामले में न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने सीधे आदेश को विभाग को भेजते हुए परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही। इसी के विरोध में शिक्षक वर्ग लगातार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर रहे है।शिक्षक संगठनों ने कहा कि पात्रता परीक्षा का निर्णय वापस लिया जाना चाहिए और सरकार को जल्द से जल्द न्यायालय में अपनी बात रखनी चाहिए।

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