24 से 26 सितंबर तक निर्धारित स्थलों पर रहेगी विशेष व्यवस्था, गोताखोर एवं क्रेन भी रहेंगे उपलब्ध
बालाघाट। गणेश एवं दुर्गा प्रतिमाओं के सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल विसर्जन के लिए नगर पालिका परिषद बालाघाट द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। व्यवस्थाओं का जायजा लेने नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने एसडीएम गोपाल सोनी, नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ वैनगंगा नदी तट स्थित छोटा पुल विसर्जन घाट का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में इस वर्ष किसी भी तालाब में सीधे प्रतिमा विसर्जन की अनुमति नहीं होगी। प्रतिमाओं का विसर्जन नगर पालिका द्वारा निर्धारित नदी तटों और निर्मित विसर्जन कुंडों में ही किया जाएगा। इसके लिए वैनगंगा तट स्थित छोटा पुल विसर्जन घाट, गायखुरी घाट, जाकपुर घाट, शंकर घाट, वार्ड क्रमांक 1 स्थित ढीमरटोला घाट तथा वार्ड क्रमांक 4 एवं 5 में स्थित नहर क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि अपनी प्रतिमाएँ विसर्जन के लिए केवल इन्हीं निर्धारित स्थलों पर लेकर पहुँचें।
नगर पालिका द्वारा 24, 25 एवं 26 सितंबर को प्रतिमा विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। विसर्जन स्थलों पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर पालिका का अमला श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए उपस्थित रहेगा। कोई भी श्रद्धालु स्वयं नदी में उतरकर प्रतिमा विसर्जन न करे। नगर पालिका एवं पुलिस प्रशासन द्वारा तैनात गोताखोरों और कर्मचारियों के माध्यम से ही सुरक्षित विसर्जन कराया जाएगा। बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था भी की जा रही है।
पूजन सामग्री, फूल-मालाओं एवं अन्य निर्माल्य के संग्रहण के लिए विसर्जन स्थलों पर अलग से वाहन, टंकियाँ और पात्र रखे जाएंगे। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि निर्माल्य या फूल-मालाएँ पॉलीथिन में भरकर नदी अथवा विसर्जन कुंड में न डालें। निर्धारित पात्रों में एकत्रित निर्माल्य का उपयोग जैविक खाद बनाने में किया जाएगा।
प्रतिमाओं को छोटा पुल विसर्जन घाट तक ले जाने के लिए परिवर्तित मार्ग व्यवस्था भी बनाई जा रही है। अब प्रतिमाएँ पुराने शंकरघाट वाले सीधे मार्ग के स्थान पर गर्रा रेलवे ओवरब्रिज पार करने के बाद बाईं ओर बायपास मार्ग से उतरकर आगे दाईं ओर छोटा पुल की तरफ लाई जा सकेंगी। वैकल्पिक रूप से रेलवे ओवरब्रिज से उतरकर दाईं ओर मुड़ते हुए शंकरघाट से पहले बाईं ओर के मार्ग से छोटा पुल पहुँचा जा सकेगा। यातायात विभाग द्वारा इस संबंध में पृथक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिनका पालन करना सभी के लिए आवश्यक होगा।
नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। उन्होंने नागरिकों एवं श्रद्धालु भक्तों से निर्धारित विसर्जन स्थलों का उपयोग करने, यातायात निर्देशों का पालन करने, पॉलीथिन एवं निर्माल्य जलस्रोतों में नहीं डालने तथा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित विसर्जन संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
PRESS NOTE 2
आस्था भी—स्वच्छता भी, प्रकृति की सुरक्षा भी
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गणेश एवं दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल, वैनगंगा तट स्थित छोटा पुल तथा शंकरघाट वन क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। पूरे क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पॉलीथिन एवं अन्य कचरा एकत्रित कर क्षेत्र को पॉलीथिन मुक्त किया गया।
आगामी गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि पूजन सामग्री, फूल-मालाएँ एवं अन्य निर्माल्य पॉलीथिन में भरकर वैनगंगा नदी अथवा वन क्षेत्र में न फेंकें। नगर पालिका द्वारा निर्धारित स्थानों पर वाहन, ड्रम एवं पात्र रखे जाएंगे। पूजन सामग्री एवं निर्माल्य इन्हीं पात्रों में डालें, ताकि उससे जैविक खाद बनाई जा सके और पॉलीथिन को नदी एवं वन क्षेत्र में जाने से रोका जा सके।
श्रद्धालु स्वयं नदी में उतरकर प्रतिमाओं का विसर्जन न करें। निर्धारित विसर्जन स्थल पर नगर पालिका कर्मचारियों के सहयोग से ही विसर्जन करें। बड़ी प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए क्रेन की व्यवस्था भी की जा रही है।










































