बजट में न किसानों को एमएसपी की गारंटी, न महंगाई रोकने के उपाय : कमल नाथ

0

 केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया वर्ष 2022-23 का बजट आंकड़ों की बाजीगरी के अलावा कुछ नहीं है। इसमें न तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने का जिक्र है और न ही महंगाई रोकने के कोई उपाय किए गए हैं। एक बार फिर 60 लाख नौकरियां सृजित करने के झूठे सपने दिखाए गए हैं। किसान, युवा, महिला, नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के लिए बजट में कुछ नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि आम बजट पूरी तरह से निराशाजनक साबित हुआ है।

उन्होंने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आमजन आयकर में छूट बढ़ाने की मांग लंबे समय से कर रहा था, लेकिन कोई राहत नहीं दी गई। तीनों कृषि कानून रद होने के बाद किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी चाहते हैं। किसानों ने इसके लिए लंबा संघर्ष किया। सात सौ से अधिक किसानों ने आंदोलन में बलिदान दिया, पर बजट में इसको लेकर कोई बात नहीं की गई। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लो सपने दिखाए गए थे, उस पर कोई बात नहीं हुई। प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा पूरा नहीं हुआ और अब 60 लाख नई नौकरियां सृजित करने के सपने दिखाए जा रहे हैं।

पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करके आमजन को राहत देने के लिए कर में कोई कमी नहीं की गई। जबकि, महंगाई के बढ़ने की मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले कर हैं। स्कूलों में शिक्षक, बिजली, पानी और कइयों के स्वयं के भवन तक नहीं है। इनकी व्यवस्था करने की जगह अब स्कूलों में टीवी लगाने और रेल यात्री किराए और माल भाड़े में बढ़ोतरी के बाद अब नई ट्रेनों के सपने दिखाए जा रहे हैं। बजट में जो भी घोषणाएं की गई हैं, वो भी पांच राज्यों के चुनाव को देखते हुए ही की गई है। बजट जनता के साथ छलावा है और इससे सभी वर्गों को निराशा हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here