बालाघाट गोंदिया मार्ग पर चल रहे ओवर ब्रिज निर्माण में रूट डायवर्ट नहीं होने से आवागमन करने वाले लोगों को हो रही परेशानी

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बालाघाट-गोंदिया रोड पर सरेखा रेलवे क्रॉसिंग में ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि, आगामी दिनों में प्रशासन ने आवागमन के लिए रुट डायवर्ट करने की योजना तैयार की है। रुट डायवर्ट होने पर गोंगलई होते हुए आवागमन किया जाएगा। किन्तु अभी इधर, निर्माण कार्य के दौरान रोजाना गोंदिया रोड पर चल रहे निर्माण कार्य से काफी परेशानीयां उत्पन हो रही है। और चल रहे निर्माण कार्य से मशीनों का पानी और मिट्टी रोड पर बह रही है उसे से राहगीर दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर रहे हैं, और यहां के स्थानीय दुकान संचालकों का मानना है कि इसी प्रकार यदि चला रहा तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना यहां पर घट सकती है।

आपको बता दे की सरेखा रेलवे क्रॉसिंग में ओवर ब्रिज का निर्माण काम बीते कुछ महीनो से किया जा रहा है। एवं प्रथम फेस में बाईपास स्थित बैहर रोड की ओर से काम किया गया एवं अब दुसरे फेस में गोंदिया रोड की ओर से काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि अभी गोंदिया- बालाघाट रोड की ओर से थोड़ा ही काम शुरू हुआ है ,किंतु संबंधित विभाग के द्वारा पहले ही यह कह दिय गया था कि, 3 दिसंबर से कभी भी बालाघाट गोंदिया मार्ग बंद किया जा सकता है। हालांकि अभी तक यह मार्ग बंद नहीं हुआ है, किंतु जिस प्रकार से यहां पर आवागमन को लेकर दुर्घटनाएं हो रही है। उसे देखकर अब यहां के स्थानीय व्यापारियों का कहना है, कि प्रशासन द्वारा ओवरब्रिज बनाया जा रहा है यह बहुत अच्छी बात है। इससे निश्चित ही जिले का विकास होगा, किंतु जिस प्रकार से जल्दबाजी में यह ओवर ब्रिज निर्माण कार्य शुरू किया गया है, उससे कहीं ना कहीं आज क्षेत्रवासीयो और आगमन करने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । जब प्रशासन को यह पता है कि यहां ओवर ब्रिज निर्माण कार्य होना है जिसे कहीं ना कहीं यह मार्ग बंद होगा ही तो अन्य वैकल्पिक व्यवस्था आने – जाने को लेकर क्यों नहीं की गई, क्यों मार्ग को डाइवर्ट नहीं किया जा रहा है जबकि बीते महीने से यह कार्य चल रहा है और अब बालाघाट गोंदिया मार्ग से जो निर्माण काम हो रहा है एवं उन मशीनों का गंदा पानी और गीली मिट्टी सड़कों पर बह रही है जिसे हर दिन यहां पर आवागमन करने वाले लोगों के वाहन स्लिप होकर गिर रहे हैं। 9 दिसंबर को लगभग एक दर्जन से अधिक वाहन इस मार्ग पर गिरे हैं, एवं इसी प्रकार यदि चला रहा तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना यहां पर घट सकती है, जबकि पूर्व में कहा गया था कि यह मार्ग को डाइवर्ट कर दिया जाएगा या फिर अंडर ब्रिज का भी निर्माण होगा किंतु वर्तमान समय में ना ही इस मार्ग को डाइवर्ट करने की कोई प्रक्रिया की गई है और ना ही अंडर ब्रिज को लेकर जो कवायत शुरू में शुरू की गई थी वह भी अभी तक जैसे की वैसी है और ना ही अंडर ब्रिज बनकर तैयार नहीं हुआ है।

हर दिन 25 से 30 गाड़ियां प्रतिदिन स्लिप होकर गिरती है- विशाल विधानी

यहां के स्थान निवासी विशाल विधानी बताते हैं कि इस रोड पर आए दिन 25 से 30 गाड़ियां प्रतिदिन स्लिप होकर गिरती है और कभी भी यहां इस प्रकार हो रही दुर्घटना से कोई बड़ा हादसा निश्चित ही घट सकता है जबकि यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था आवागमन को लेकर की जानी थी किंतु किसी प्रकार की कोई वैकल्पिक व्यवस्था रूट डायवर्ट को लेकर नहीं की गई है और जिस प्रकार से निर्माण कार्य से यहां डस्ट उड़ रही है उससे दमेह: के मरीजों की संख्या बढ़ाने की भी संभावना बनती है उन्होंने यह भी बताया कि जिस प्रकार से यहां निर्माण काम चल रहा है और उनसे निकलने वाला गंदा पानी और गीली मिट्ट सड़कों पर बहती रहती है जबकि यह गंदा पानी नालियों के माध्यम से बहाना चाहिए लेकिन यह सड़कों से बहने की वजह से कोई भी वाहन चालक इसमें फिसल के गिरता है कल दो महिलाओं का इस प्रकार से यहां एक्सीडेंट हुआ कि वह गंभीर रूप से चोटिल होकर यहां से उन्हें उठाकर भिजवाया गया जिला प्रशासन को चाहिए कि इस और जल्द ही संज्ञान ले ।

आनंद-फानन में काम शुरू कर दिया गया, नाही रूट डायवर्जन की प्रक्रिया तक नही हुई है – मनोज

स्थानीय निवासी मनोज द्वारा बताया गया कि जो ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य से मशीनों से पानी और कीचड़ रोड पर बह रहा है उस से आगमन करने वाले वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है जबकि इस रोड को सबसे पहले चौड़ीकरण किया जाना था, किंतु प्रशासन द्वारा आनंद-फानन में काम शुरू कर दिया गया ना ही रूट डायवर्जन की प्रक्रिया की गई और ना ही प्रशासन द्वारा आने वाली समस्याओं को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिसके कारण आज धीरे-धीरे समस्याएं उत्पन्न होना शुरू हो गई है ।

ना ही किया गया रूट डायवर्ट ना बन अंडर ब्रिज-

जबकि कार्य शुरू होने के बाद यहां से आवागमन को डायवर्ट करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था कर देनी चाहिए थी किंतु प्रशासन द्वारा अभी तक ना ही रूट डायवर्ट किया गया और ना ही अंडर ब्रिज निर्माण किया गया जबकि इस बालाघाट – गोंदिया रोड से जिले में अधिक आवागमन गोंदिया रोड से होता है और इसी मार्ग से अधिक से अधिक लोग आवागमन करते हैं जिसको देखते हुए रूट का डायवर्सन बहुत जरूरी था चल रहे निर्माण कम से निश्चित ही कभी कोई बड़ा हादसा यहां हो सकता है क्योंकि मार्ग चौड़ीकरण नहीं होने की वजह से यहां से आवगमन करने वाले लोगो को काफी परेशानियां हो रही है यदि जल्द ही प्रशासन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो निश्चित ही यहां कोई बड़ा हादसा देखने को मिल सकता है ।

न ही जिला कलेक्टर और ना ही नगर पालिका इस ओर ध्यान दे रहे – अर्जुन सिंह सनोडिय़ा

जब हमारे द्वारा इस संबंध में सेतु विभाग के एसडीओ अर्जुन सिंह सनोडिय़ा से दूरभाष पर चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि जिस प्रकार से सरेखा रेलवे फाटक और बालाघाट- गोंदिया रोड पर जो स्थितियां निर्मित हो रही है वह उन्हें अच्छे से पता है क्योंकि उन्होंने स्वयं वहां जाकर आए दिन विजिट किया है और इसको लेकर जिला कलेक्टर को उन्होंने अनेक बार चिट्ठी लिखी है और स्वयं व्यक्ति का जाकर भी वह कलेक्टर से मिला है और बताया है कि यहां स्थित इस प्रकार की निर्मित हो रही है दुर्घटनाएं बढ़ रही है हैवी ट्रैफिक को रोका जाए और दूसरा पत्र उन्होंने नगर पालिका को भी लिखा है कि जिस प्रकार से वहां अतिक्रमण फैला हुआ है उसे हटाया जाए किंतु न ही जिला कलेक्टर इस और ध्यान दे रहे हैं और ना ही नगर पालिका के द्वारा अतिक्रमण हटाने को लेकर बात कही जा रही है तो नगर पालिका भी उनके पत्रों का कोई जवाब नहीं दे रही है उन्होंने भी माना कि निश्चित ही कभी भी इस निर्माण कार्य के दौरान कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है जिसको लेकर उन्होंने अपने स्तर पर अनेकों प्रयास किए हैं किंतु उन्हें बड़े अधिकारियों का सहयोग नहीं मिल रहा है जिस कारण से इस प्रकार की स्थिति वहां पर निर्मित हो रही है और उन्होंने स्वयं ही माना कि इस प्रकार की स्थिति से निश्चित ही यहां पर कोई बड़ी घटना घट सकती है

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